परिषद‍ीय विद्यालयों की अवकाश तालिका वर्ष 2025 देखें व करें डाउनलोड

👇Primary Ka Master Latest Updates👇

शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2023

OPS in CAPF: कोर्ट के इन दो फैसलों पर मौन है केंद्र सरकार, पुरानी पेंशन और नियुक्ति पत्र का इंतजार



 OPS in CAPF: कोर्ट के इन दो फैसलों पर मौन है केंद्र सरकार, पुरानी पेंशन और नियुक्ति पत्र का इंतजार

केंद्र सरकार, दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए दो फैसलों पर मौन है। सरकार की ओर से अभी तक न तो केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल करने की बात कही गई है और न ही एसएससी जीडी-2018 के आवेदकों की नियुक्ति को लेकर कोई आदेश जारी हुआ है। एसएससी जीडी के फैसले का पालन करने के लिए केंद्र सरकार को चार सप्ताह का समय दिया गया था। चूंकि यह फैसला दिसंबर में सुनाया गया था, इसलिए अब तय अवधि भी निकल गई है। दूसरी ओर, सीएपीएफ में पुरानी पेंशन लागू करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र को आठ सप्ताह का समय दिया है। यह फैसला 11 जनवरी को सुनाया गया था। अभी तक दोनों ही केसों में केंद्र सरकार ने अपने निर्णय की जानकारी नहीं दी है।


14 फरवरी को जंतर-मंतर पर होगी रैली

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी को दिए अपने एक एतिहासिक फैसले में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' को 'भारत संघ के सशस्त्र बल' माना है। इन बलों में लागू 'एनपीएस' को स्ट्राइक डाउन करने की बात कही गई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा, चाहे कोई आज इन बलों में भर्ती हुआ हो, पहले कभी भर्ती हुआ हो या आने वाले समय में भर्ती होगा, सभी जवान और अधिकारी, पुरानी पेंशन स्कीम के दायरे में आएंगे। केंद्र ने अभी तक इस बाबत कोई निर्णय नहीं लिया है। हालांकि कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार को चेताते हुए कहा है कि अगर 'सीएपीएफ' में 'पुरानी पेंशन' बहाल नहीं होती है, तो इस बार 20 लाख पैरामिलिट्री परिवार होली नहीं मनाएंगे। एसोसिएशन ने यह भी कह दिया है कि केंद्र सरकार, दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अगर सुप्रीम कोर्ट में जाती है, तो यह जवानों के बलिदान का अपमान होगा। एसोसिएशन, इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी। इन बलों में पुरानी पेंशन लागू कराने और दूसरी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए 14 फरवरी को जंतर-मंतर पर रैली आयोजित की जाएगी।


संसद में उठ चुका है ओपीएस का मामला

विपक्षी दलों के नेता इस मामले को संसद में उठा रहे हैं। हरियाणा से राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इस संबंध में नोटिस दिया था। उनका कहना था कि सरकार को इन बलों में अविलंब ओपीएस लागू करना चाहिए। लोकसभा सांसद असदुद्दीन औवेसी ने भी सोमवार को पुरानी पेंशन को लेकर सदन में सवाल पूछा था। सांसद औवेसी के सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने कहा, इन बलों में एनपीएस लागू है। उसमें पेंशन स्कीम के सभी लाभ बताए गए हैं। पहली जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए सभी कर्मियों पर एनपीएस पर लागू होता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 जनवरी को इस बाबत फैसला सुनाया है कि सीएपीएफ में पुरानी पेंशन लागू की जाए। यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत पॉलिसी मैटर है। गुरुवार को पीएम मोदी ने राज्यसभा में पेंशन स्कीम को आने वाली पीढ़ियों पर भार बताया था। उन्होंने कहा था, तात्कालिक फायदे के लिए कुछ राज्य ऐसा पाप न करें।


OPS in CAPF: कोर्ट के इन दो फैसलों पर मौन है केंद्र सरकार, पुरानी पेंशन और नियुक्ति पत्र का इंतजार Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें