UPMSP: माध्यमिक शिक्षक सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारी
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(1) राष्ट्रपति/राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य/शिक्षकों को तीन वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार का लाभ देय होता है,किन्तु इन तीनों वर्षों की अवधि तथा तीनों वेतनवृद्धियाँ पेंशन,व ग्रेच्युटी के आंकलन हेतु मान्य नहीं होती है।
(2)मृतक आश्रित की नियुक्ति अब केवल शिक्षक,लिपिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी पद की मौलिक रिक्ति में हो सकती है,अधिसख्यं पद पर नहीं,हो सकती है।
(3)किसी तदर्थ शिक्षक की पदोंन्नति, तदर्थ सेवाओं का विनियमितीकरण होने के बाद ही हो सकती है क्योंकि विनियमितीकरण के दिनाकं से तदर्थ सेवाएं मौलिक सेवा मानी जाती है।पदोन्नति हेतु रिक्ति दिनाकं को पाँच वर्ष का अविरल,मौलिक सेवाओं का अध्यापन अनुभव आवश्यक है।
(4)मातृत्व अवकाश विद्यालय में प्रसव उपरांत कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत देय नहीं होती है।
(5) प्रथम मातृत्व अवकाश के अन्तिम दिन तथा द्वितीय मातृत्व अवकाश के प्रथम दिन के मध्य दो वर्ष का अन्तराल होना अनिवार्य होता है।
(6)किसी भी मृतक आश्रित की नियुक्ति (स.अ./लिपिक पद पर)पदोन्नति वाले पद के प्रति नहीं की जा सकती है।
(7)प्रवक्ता(हिन्दी) पर पदोन्नति अथवा नियुक्ति हेतु स्नातक स्तर पर संस्कृत न होने पर एम.ए.(संस्कृत) होना आवश्यक है।परन्तु अप्रेल 1974 से पूर्व के नियुक्त स.अ.को स्नातक स्तर पर संस्कृत होना अनिवार्य नहीं है।
(8)माध्यमिक विद्यालयों में पदोन्नति में जाति आधारित एवं विकलांग का कोई कोटा अद्यतन देय नहीं है।
(9) माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा इण्टर स्तर पर वाणिज्य गणित,तथा बैकिंग कई वर्ष पूर्व समाप्त किये जा चुके है।
(10) केवल प्रवक्ता( सैन्य विज्ञान) को छोड़कर अन्य सभी विषयों में प्रवक्ता पद हेतु सम्बंधित विषय में स्नातकोत्तर उपाधि अनिवार्य है।
अयोध्या प्रसाद अग्रवाल, प्रान्तीय उपाध्यक्ष एवं संयोंजक ,संरक्षण समिति, मा.शि.संघ,ठकुराई।9837406194
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