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शनिवार, 4 मार्च 2023

व्याख्याता से उप प्राचार्य पदोन्नति से आया नया पेंच, परीक्षा से पहले खाली हुए व्याख्याताओं के 10 हजार पद

 

व्याख्याता से उप प्राचार्य पदोन्नति से आया नया पेंच, परीक्षा से पहले खाली हुए व्याख्याताओं के 10 हजार पद

डूंगरपुर. चुनावी वर्ष में राज्य कर्मचारियों को मनाने में जुटी प्रदेश सरकार आनन-फानन में बिना धरातल पर स्थितियां जाने ही आदेश निकाल रही है। इससे असमंजस के हालात उत्पन्न हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में व्याख्याता से उप प्राचार्य पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। लेकिन, बिना काउंसलिंग करवाए ही व्याख्याताओं को उन्हीं स्कूलों में आनन-फानन में कार्यग्रहण करवा दिए हैं। पहले पदोन्नति और अब काउंसलिंग में विलम्ब से प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में हास्यास्पद हालात खड़े हो गए हैं। स्थितियां यह है कि एक तरफ प्रदेश के हजारों विद्यालय अपने हाकम को तरस रहे हैं। वहीं, बोर्ड परीक्षा से एनवक्त पहले निकले पदोन्नति के इन आदेशों से इन दिनों कई स्कूलों मेें व्याख्याता तो कम और एक ही स्कूल में आठ से दस-दस उप प्राचार्य हो गए हैं। आदेश निकले हैं।


नए सत्र में आएगी नई मुसीबत

सरकार ने चुनावी वर्ष में व्याख्याताओं को राजी करने के लिए पदोन्नति का हार तो पहना दिया है। लेकिन, पदोन्नति का सबसे बड़ा पेंच नए शिक्षण सत्र में सामने आएगा। व्याख्याता पदोन्नति के बाद जल्द ही काउंसलिंग होगी और उप प्राचार्र्य को रिक्त पदों वाली स्कूलों मेें भेजा जाएगा। इस वजह से नए सत्र में बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट होगी। प्रदेश सरकार ने अब तक वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति के संबंध में कोई तैयारी नहीं की है। वहीं, 50 फीसदी भर्ती से भरे जाने वाले व्याख्याताओं के पदों की भी अब दूर-दूर तक संभावना नजर नहीं आ रही है।


डूंगरपुर फेक्ट फाइल

439 स्वीकृत पदों में से 241 पद रिक्त है प्रधानाचार्य के

1632 स्वीकृत पदों में से 871 पद रिक्त है व्याख्याताओं के पदोन्नति से पहले


केस 01 : महारावल स्कूल में 08 उप प्राचार्य

जिला मुख्यालय पर स्थित जिले के सबसे बड़े राजकीय महारावल उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक साथ आठ व्याख्याताओं की उपप्रधानाचार्य में पदोन्नत हुए हैं। फरवरी माह में निकले आदेश के तुरंत बाद सभी ने इसी विद्यालय में कार्यग्रहण किया है।


केस 02 : राउमावि बनकोड़ा में 06 उप प्राचार्य

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बनकोड़ा में एक साथ छह व्याख्याताओं को पदोन्नति का तोहफा मिला है। हालांकि, इनमें कई सेवानिवृत्ति की दहलीज पर खड़े हैं। सभी ने विभाग के आदेशानुसार इसी विद्यालय में उपप्रधानाचार्य का पद ग्रहण किया है।


केस 03 : किशनलाल गर्ग स्कूल में 02 उप प्राचार्य

जिले के दूसरे सबसे बड़े श्रीकिशनलाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याता से उपप्रधानाचार्य पदोन्नति के आदेशों के बाद एक साथ दो उपप्रधानाचार्य हो गए हैं। उन्हें अब काउंसलिंग का इंतजार है।


वोटों की राजनीति के चलते करीब एक दशक से सरकार आंखमिच कर बिना स्टॉफ एवं भवन के बंदोबस्त किए स्कूलों पर क्रमोन्नति का तमगा लगा रही है। इससे हालात ये हो गए हैं कि प्रदेश में मोटा-मोटा सात हजार से अधिक विद्यालयों में संस्थाप्रधान ही नहीं है। व्याख्याता से उप प्राचार्य पदोन्नति के बाद यदि संस्थाप्रधान को तरस रहे विद्यालयों में उप प्राचार्य को लगाया जाता है, तो नए सत्र में स्कूलों को मजबूत संबलन मिलेगा। लेकिन, यह सब स्थितियां काउंसलिंग प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।


अधिकारी ने कहा...

पदोन्नति आदेश के बाद सरकार के आदेशानुसार सभी ने कार्यग्रहण कर लिया है। जिले के सभी व्याख्याताओं ने उन्हीं विद्यालयों में कार्यग्रहण किया है। जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया होने की संभावना है। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को प्रेषित कर दी है। - अमृतलाल कलाल, जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक


व्याख्याता से उप प्राचार्य पदोन्नति से आया नया पेंच, परीक्षा से पहले खाली हुए व्याख्याताओं के 10 हजार पद Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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