राज्य के अभ्यर्थियों को होगा फायदा:निगेटिव मार्किंग बिगाड़ सकती है लेवल वन का गणित, 21 हजार पदों पर मुकाबला
राज्य भर से 1.96 लाख अभ्यर्थियों ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 के तहत लेवल वन की परीक्षा दी। लेवल वन के 21 हजार पदों पर नियुक्ति के लिए स्टूडेंट्स के बीच मुकाबला है। इस बार निगेटिव मार्किंग का विशेष महत्व रहेगा। यह कइयों की गणित बिगाड़ सकता है।इस बार लेवल वन का पेपर ना तो आसान था ना ही कठिन। हां लेवल वन में 60% प्रश्न राजस्थान जीके के होने के कारण राज्य के अभ्यर्थियों को इसमें बैनिफिट मिलेगा। इस बार राज्य सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का पैटर्न बदल दिया है। 300 नंबर के एग्जाम में निगेटिव मार्किंग भी होगी। ऐसे में पेपर में गलत आंसर का मेरिट पर प्रभाव पड़ेगा। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई भाग काटा जाएगा।
सामान्य वर्ग में 195 से ऊपर अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के सलेक्शन की उम्मीद है। लेवल वन के पेपर में भी निगेटिव मार्किंग का प्रावधान रखा गया है। ऐसे में सामान्य वर्ग की कट ऑफ 60% से अधिक रहने की संभावना है। प्रारंभिक शिक्षा में लेवल वन का टीचर बनने के लिए एक सीट पर 9 से 10 अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला है। इस भर्ती परीक्षा के लिए रीट उत्तीर्ण 2.12 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन परीक्षा में 1.96 लाख ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें