राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मदरसा पैराटीचर्स अब बनेंगे शिक्षा अनुदेशक, मानदेय में भी होगी बढ़ोतरी
राजस्थान में मदरसा पैराटीचर्स को शिक्षा अनुदेशक बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। मदरसा पैराटीचर्स को शिक्षा अनुदेशक बनाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। इसके लिए अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद लगातार प्रयास कर रहे थे। मंत्री की अनुशंसा पर किए गए निर्णय के बाद अब राज्य में मदरसा पैराटीचर्स को शिक्षा अनुदेशक बनाया जाएगा। साथ ही राजस्थान मदरसा बोर्ड से पंजीकृत मदरसों में कार्यरत मदरसा पैराटीचर्स को अब 16 हजार 900 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। मंत्री शाले मोहम्मद ने इस जनहितकारी फैसले के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया है।मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि राजस्थान सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। बजट 2023-24 में जो घोषणाएं हुईं हैं, उन्हें जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। अल्पसंख्यक समाज की बेहतरी ही सरकार की पहली प्राथमिकता है।
मदरसा में पढ़ रहे बच्चों को मिलेगी बेहतर तालीम
सोमवार 13 मार्च को अल्पसंख्यक मामलात विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल की ओर से मदरसा पैराटीचर की शिक्षा अनुदेशक के रूप में वृद्धि किए हुए मानदेय एवं नवीन पदनाम की अधिसूचना जारी की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा अनुदेशक अब बेहतर कार्य करेंगे, जिससे मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छी और आधुनिक तालीम मिल सकेगी।
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