रीट से पहले व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के परिणाम जारी करने से अभ्यर्थियों को होगा फायदा
पहले परीक्षा और फिर परिणाम की देरी शिक्षक भर्ती की तैयारियों में जुटे बेरोजगारों की खुशियों के गणित को बिगाड़ रही है। पिछले साल राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से प्रथम श्रेणी व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक भर्ती की परीक्षा कराई गई, लेकिन अभी तक आरपीएससी की ओर से परिणाम जारी नहीं किया जा सका है। दूसरी तरफ राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से फरवरी-मार्च में ही 48 हजार पदों के लिए तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का आयोजन कराया गया। चयन बोर्ड की ओर से प्रांरभिक आंसर की भी पिछले दिनों जारी कर दी गई।
चयन बोर्ड की ओर से अगले महीने तक परिणाम जारी करने की भी आस है। इस मामले में रीट द्वितीय लेवल के अभ्यर्थियों की ओर से पहले व्याख्याता व वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का परिणाम जारी करने की मांग भी उठने लगी है। इस मामले में राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला को बेरोजगारों की पीड़ा भी बताई है। इस बारे में मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर पीड़ा बताते हुए इसके समाधान करने के लिए आग्रह किया गया है। ताकि समय रहते वह भी अपना निर्णय ले सके और उनको नुकसान न हो।
चयन बोर्ड का तर्क- नहीं करेंगे परिणाम का इंतजार
बेरोजगारों की मांग पर चयन बोर्ड की ओर से अपना रूख स्पष्ट किया जा चुका है। चयन बोर्ड अध्यक्ष भी कई बार कह चुके हैं कि तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का परिणाम समय पर जारी किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि बोर्ड की ओर से व्याख्याता व वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के परिणाम की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। तीनों शिक्षक भर्तियों की वजह से परीक्षा एजेंसियों की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया उलझ सकती है। जिन अभ्यर्थियों का अपर पे ग्रेड वाली भर्ती में चयन होगा वह निश्चित तौर पर उसमें ही कार्यग्रहण करेंगे।
इसलिए चयन बोर्ड को व्याख्याता व वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का परिणाम आने के बाद तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का परिणाम जारी करना चाहिए। कई अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती की तीनों परीक्षा दी है। इनमें अधिकांश काे वरिष्ठ अध्यापक भर्ती और तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में सफलता मिलने की पूरी आस है। उनका कहना है कि सरकार को पहले व्याख्याता व वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का परिणाम जारी करना चाहिए, जिससे दोनों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को बार-बार कार्यग्रहण नहीं करना पड़े। पत्र में बताया गया है कि राजस्थान के बेरोजगारों ने रात दिन अध्ययन करके यह परीक्षाएं दी है। अब वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित है।

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