राजस्थान में निगम-बिजली और यूनिवर्सिटी के कर्मचारी ले सकेंगे OPS का फायदा, जानें वित्त विभाग का आदेश
राजस्थान में गहलोत सरकार ने निगम-बिजली और यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को भी ओपीएस के दायरा में लाया है। सरकार ने ऑटोनोमस बॉडी (नगर निगम, यूआईटी, बिजली कंपनियां या अन्य निगम), राजकीय उपक्रम और विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को भी ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) का विकल्प भरने का ऑप्शन दिया है। इसके तहत इन यूनिट्स या संस्थाओं में काम करने वाले या रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को ओपीएस का फायदा लेना है तो वह वित्त विभाग के जारी फॉर्मेट को भरकर अपने संबंधित विभाग में 15 जून तक जमा करवा सकते है।वित्त विभाग से जारी आदेशों के मुताबिक जिन संस्थाओं में पुरानी पेंशन स्कीम का फायदा नहीं मिलता है उन संस्थाओं को जीपीएफ लिंक पेंशन स्कीम लागू करने के लिए नए नियम बनाकर पेंशन निधि का गठन करना होगा और इन संस्थाओं को पेंशन निधि की राशि राज्य सरकार के पीडी खाते में जमा करवानी होगी।
12 फीसदी ब्याज के साथ जमा करवानी होगी
इन ऑटोनोमस बॉडी में काम करके रिटायर्ड हुए जिन कर्मचारियों ने ईपीएफ (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) या सीपीएफ से एकमुश्त राशि उठा ली है। जो कर्मचारी अब पुरानी पेंशन का फायदा लेन चाहते हैं। उनके लिए भी विकल्प है। ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन लेने के लिए विकल्प फार्म भरकर देना होगा। साथ ही ईपीएफ या सीपीएफ से जो एकमुश्त राशि रिटायरमेंट के बाद उठाई है। वह पूरी राशि 12 फीसदी ब्याज के साथ जमा करवानी होगी।
15 जून तक भरकर देना होगा आवेदन
सरकार ने ऐसे सभी कार्यरत और सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन विकल्प फार्म 15 जून तक भरकर देने के निर्देश दिए है। ताकि 30 जून तक विभाग की ओर से सेवानिवृत कर्मचारियों की जमा राशि की ब्याज की गणना की जा सके। इसके अलावा सेवानिवृत कर्मचारियों को राशि जमा करवाने के लिए समय 15 जुलाई तक दिया जाएगा।

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