संस्कृत को भूला विभाग, ग्रेडिंग पर पड़ा असर
जोधपुर। संस्कृत शिक्षा विभाग के हाल ही में घोषित पांचवी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में विभाग ने मुख्य विषय संस्कृत को भी आर्ट हेल्थ एंड फिजिकल तथा वर्क एक्सपीरियंस विषय के साथ शामिल कर दिया। जिसके चलते संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के ही संस्कृत के अंक नहीं जुड़ सके। जिसका सीधा असर उनकी ग्रेडिंग पर पड़ा है
पिछले साल भी नहीं जुड़े थे अंक
संस्कृत शिक्षा के पांचवी बोर्ड के रिजल्ट में ये चूक दो साल से सामने आ रही है। पिछले साल भी रिजल्ट में संस्कृत विषय के अंकों को नहीं जोड़ा गया था। जिसके बाद संस्कृत शिक्षा विभागीय शिक्षक संगठन सहित विभिन्न संगठनों ने डइट व शिक्षा निदेशालय में इसे लेकर आपत्ति भी जताई थी।
अर्द्धवार्षिक में जुड़े वार्षिक में नहीं
संस्कृत शिक्षा में संस्कृत मुख्य विषय है। जिसके अंक दो साल पहले तक रिजल्ट में जोड़े जा रहे थे अर्धवार्षिक परीक्षा में तो मुख्य विषय के रूप में इस बार भी इसके अंक स्कूल स्तर पर जोड़कर निदेशालय भिजवाए गए थे मगर अब मूल बोर्ड परीक्षा में ही मूल विषय की अनदेखी कर दी गई है।
कोड की भी गफलत
संस्कृत शिक्षा की पांचवी व आठवी बोर्ड परीक्षा में कोड की गलती भी सामने आई है। दरअसल सामान्य शिक्षा परीक्षा का कोड 71 व संस्कृत शिक्षा का कोड 95 है। जिसके आधार पर ही दोनों परीक्षाओं में अंतर किया जाता है। लेकिन गत दो वर्ष से संस्कृत शिक्षा की पांचवी व आठवीं बोर्ड की अंकतालिका पर सामान्य शिक्षा का कोड ही प्रकाशित किया जा रहा है। जिसके चलते भी दोनों विभागों की अंकतालिका की पहचान में परेशानी हो रही है।

0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें