राजस्थान में UPSC की तरह हर साल REET का आयोजन कराने की तैयारी, शिक्षामंत्री कल्ला ने दिए संकेत
BD Kalla Minister On REET Exam: कांग्रेस नेता और गहलोत सरकार में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा- राजस्थान सरकार भी अब UPSC की तर्ज पर हर साल रीट और खाली पड़े पदों पर भर्ती की तैयारी कर रही है। ताकि एक भी पद रिक्त न रहे। राजस्थान के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सके। इसे लागू करने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को कल्ला बेरोजगारों के महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
10 मुद्दों को लेकर जुटे बेरोजगार
अभी तक महासम्मेलन पॉलिटिकल पार्टियों, सामाजिक संगठनों के ही होते रहे हैं। इस कड़ी में अब बेरोजगार भी जुड़ गए हैं। शायद यह पहला मौका होगा, जब बेरोजगारों का महासम्मेलन हो रहा है। राजस्थान में बेरोजगारी, पेपर लीक, रोजगार जैसे 10 मुद्दों को लेकर बेरोजगार जयपुर के त्रिवेणी नगर स्थित सामुदायिक भवन में जुटे हैं। खास बात यह है कि इसमें सत्ताधारी पार्टी के साथ ही विपक्षी पार्टी से भी नेताओं को बुलाया गया है। कांग्रेस से शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला और RTDC चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ सम्मेलन में पहुंचे। बीजेपी की ओर से सिर्फ प्रवक्ता रामलाल शर्मा ही इस कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ नहीं पहुंच पाए।
धर्मेंद्र राठौड़ बोले- एक लाख पदों की भर्ती विज्ञप्ति जारी होगी
RTDC चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा- आज बेरोजगारों के मंच पर मैं और कल्ला जी बीजेपी के नेताओं से बहस करने के लिए आए थे। बीजेपी के नेता जानते थे। उन्होंने बेरोजगारों के लिए ना कोई काम किया है, न भविष्य में करेंगे। इसलिए आज ना तो सीपी जोशी और ना ही राजेंद्र राठौड़ आए हैं। मैं आज आप सभी से वादा कर के जा रहा हूं। आचार सहिता लगने से पहले 1 लाख पदों की भर्ती विज्ञप्ति जारी हो जाएगी। जितने लोग आप चाहेंगे, उतने लोग से सीएम गहलोत मिलेंगे। बेरोजगारों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात करेगा।
राठौड़ ने कहा- आज दोपहर 3 बजे बीजेपी के नेता आएंगे। आप उनसे जरूर पूछना कि मोदी सरकार ने अब तक कितने लोगों को रोजगार दिया है। मैं यह दावा कर रहा हूं। बीजेपी सरकार में जितने लोगों को मोदी जी ने रोजगार नहीं दिया, उससे ज्यादा रोजगार अशोक गहलोत सरकार ने दिया है।
उपेन यादव बोले- पेपरलीक पर चुप रहने के लिए एक करोड़ की रिश्वत ऑफर हुई
इससे पहले राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा- जब मैं जेल गया था, तब बाड़े नंबर 13 में मुझे पेपर लीक मामले में चुप रहने के लिए 1 करोड़ रुपए की रिश्वत ऑफर की गई थी। मैं लालच में नहीं आया। मैंने जेल से रिहा होने के बाद एक बार फिर से पुरजोर तरीके से पेपर लीक माफिया के खिलाफ आवाज उठाई। यही कारण है कि काफी लोग मेरी छवि को बिगाड़ने के लिए मेरे पीछे पड़े हैं। डरने वाला नहीं हूं।
मांग पूरी नहीं हुई तो कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन करेंगे
आज हमने 10 मांगों को लेकर में महासम्मेलन आयोजित किया है। ताकि CM तक हमारी मांग पहुंचे, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अगर सरकार ने मांग मानी, तो हम सरकार का आभार जताएंगे। अगर मांग पूरी नहीं की तो हम कांग्रेस के खिलाफ भी आंदोलन करेंगे।
उपेन यादव ने कहा- राजस्थान में विधानसभा चुनाव में महज 4 महीने का वक्त बचा है। ऐसे में प्रदेश के लाखों युवाओं की जायज और लंबित मांगों को लेकर देश में पहली बार बेरोजगार महासम्मेलन आयोजित कर रहे हैं। इसमें दोनों राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाया गया है। पेपर लीक, रोजगार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर ना सिर्फ राजस्थान बल्कि केंद्र में भी कानून बनाने कि जरूरत है।
प्रदेश के युवाओं को राजस्थान में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में प्राथमिकता देने की मांग रखेंगे। ताकि राजस्थान के युवाओं का हक ना मारा जाए। प्रदेशभर से पहुंचे युवा साथी आज महासम्मेलन में मौजूदा समस्याओं पर भी मंथन और चिंतन कर भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे।
सरकार बनेगी तो इनकी मांगों पर विचार करेंगे
इस दौरान मौजूद रहे बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के अंदर बेरोजगार संघ एक ऐसा संघ है, जो सिर्फ युवाओं की मांगों की बात करता है. उनकी समस्याओं की बात करते हैं, उसके समाधान की बात करते हैं. सरकार चाहे किसी की भी पार्टी की हो बेरोजगारों की समस्या बताते हुए उसका समाधान निकालने की मांग करते हैं. बीजेपी की सरकार ने हमेशा सहानुभूति पूर्वक उनकी मांगों पर विचार किया है, आगे जब सरकार बनेगी तब भी इनकी मांगों पर विचार किया जाएगा, यदि सरकार के सामने समस्या है और युवाओं की मांग नाजायज हैं, तो इन्हें बैठाकर समझाना चाहिए. कानून में संशोधन की आवश्यकता है, तो संशोधन करना चाहिए, लेकिन युवाओं के हितों के साथ जो कुठाराघात हो रहा है, वो नहीं होना चाहिए.
पेपर लीक बड़ा मुद्दा
रामलाल शर्मा ने कहा कि पेपर लीक एक बड़ा मुद्दा है इसे लेकर युवा बेरोजगारों ने उपेन यादव के नेतृत्व में डंडे भी खाए, पुलिस का अत्याचार भी सहा, उसके बाद भी जब परिणाम निकल कर नहीं आया. एक जिला जालोर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा सब इंस्पेक्टर की भर्ती हो रही है. उस पर भी सवाल उठ रहे हैं, तो उनकी भी जांच होनी चाहिए. मेहनत करने वाले बाहर और बेईमानी करने वाले अंदर, जो दोषी हैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, दंड मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिसमें जितना सामर्थ्य है, उसको उतना काम करना चाहिए, लेकिन ये कटु सत्य है कि सारे बेरोजगारों को सिर्फ गवर्नमेंट सेक्टर में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा सकता.
सरकार को प्राइवेट सेक्टर में भी कुछ ऐसी नीति बनानी चाहिए कि लोग वहां जाएं, चाहे स्किल के माध्यम से जाएं या इंडस्ट्री डेवलपमेंट में जाएं. उन्होंने कहा कि कानून सबके बने हुए हैं, 302 की धारा बनी हुई है, फिर भी हत्या होना रुकी नहीं. कठोरता के साथ कानून की पालना जरूरी है, डर और भय जरूरी है, ताकि अपराध करने से पहले व्यक्ति चार बार सोचें, इसलिए डर पैदा करना जरूरी है फिर एजेंसी चाहे एसओजी, एटीएस, ईडी और सीबीआई कोई भी हो.उधर, युवाओं से बात करते हुए आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि युवाओं में मुख्यमंत्री की योजनाओं और भर्तियों को लेकर जोश है.
युवाओं में पीएम मोदी के झांसों को लेकर निराशा है. युवाओं ने आज अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाते हुए जो रिस्पांस दिया, उससे ये साबित हो रहा है कि युवा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं. एक बार फिर प्रदेश में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि दोनों राजनीतिक दल यहां पहुंचे हैं. एक अच्छी परंपरा है. प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, पता लगना चाहिए कि कांग्रेस युवाओं पर ज्यादा ध्यान रखती है या बीजेपी की सरकारें0 इसी बात पर निर्णय हो और फिर मतदान हो, जो अच्छा लगे उसको धन्यवाद दो, और जो युवाओं को झांसा दे वो एक्सपोज हो. इस दौरान उन्होंने कहा कि मंत्रालयिक कर्मचारियों से भी संवाद बनाए हुए हैं, जल्द ही उसका भी समाधान निकलेगा.
बेरोजगारों की प्रमुख मांग
- एक लाख नई भर्तियों का विभागवार वर्गीकरण करके आचार संहिता लगने से पहले भर्तियों की विज्ञप्ति (भर्ती परीक्षा कैलेंडर) जारी किया जाए।
- 1 लाख प्रक्रियाधीन भर्तियों की नियुक्ति प्रक्रिया आचार संहिता से पहले पूरी की जाए।
- आगामी सभी भर्ती परीक्षाएं लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाएं और मेरिट प्रथा को समाप्त किया जाए।
- संविदा पर भर्ती निकालने पर रोक लगाई जाए और भर्ती परीक्षाओं में इंटरव्यू खत्म किया जाए।
- प्रदेश की भर्तियों में राजस्थान के बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही फर्जी डिग्री डिप्लोमा के खिलाफ सख्त कानून लाया जाए।
- बजट की घोषणा और आंदोलन के समझौते की मांगों को तत्काल पूरा किया जाए।
- युवा बेरोजगारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के साथ ही युवा बेरोजगार बोर्ड का गठन किया जाए।
- CET में मिनिमम % तय की जाए। इसके साथ ही रीट लेवल - 2 में 4500 पद बढ़ाया जाए।
- भर्ती परीक्षाओं के पेपर के प्रश्नों के विवाद को लेकर, पेपर बनाने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके साथ ही गलत पेपर बनाने वाले के खिलाफ सख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की जाए।
- भर्ती परीक्षा पेपर लीक को लेकर राज्य और केंद्र सरकार उम्र कैद की सजा का प्रावधान बनाए। इसके साथ ही पेपर लीक में तत्काल राजपासा या रासुका कानून लागू किया जाए।

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