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शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

स्कूलों में नामांकन बढ़ाना चुनौती : 10% का है लक्ष्य, खाली पड़े हैं शिक्षकों के 50% पद, इनमें 197 स्कूलों में संस्था प्रधान ही नहीं

 स्कूलों में नामांकन बढ़ाना चुनौती : 10% का है लक्ष्य, खाली पड़े हैं शिक्षकों के 50% पद, इनमें 197 स्कूलों में संस्था प्रधान ही नहीं

नए शिक्षा सत्र की शुरूआत के साथ ही स्कूलों में बच्चों का आना शुरू हो गया है। सरकार ने प्रत्येक स्कूल को नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य भी दे दिया है। इसके अनुसार हर स्कूल को 10 प्रतिशत नामांकन बढ़ाना होगा। वर्तमान हालातों में शिक्षकों के लिए नामांकन बढ़ाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसकी वजह है कि स्कूलों में शिक्षकों के 50% पद खाली पड़े हैं।


इनमें भी 197 स्कूल ऐसे हैं जिनमें कोई संस्था प्रधान ही नहीं है। ऐसे में बिना संस्था प्रधान के चल रहे स्कूलों में नामांकन को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। यही नहीं अधिकांश स्कूल ऐसे हैं जिनमें एक या दो ही स्टाफ हैं। यदि कोई एक भी अवकाश पर रहता है तो दूसरे शिक्षक के सामने नामांकन बढ़ाना मुश्किल हो रहा है। यह नामांकन तीन चरणों में बढ़ाया जाएगा। फिलहाल इसका दूसरा चरण चल रहा है जो 15 जुलाई तक चलेगा।


इसमें शिक्षक डोर टू डोर सर्वे के जरिए बच्चों के घरों तक पहुंच रहे हैं और अभिभावकों को समझाइश भी कर रहे हैं, लेकिन शिक्षकों के पदों का बड़ी संख्या में खाली होने का असर सीधे तौर पर दिखाई देगा। कुल मिलाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्वीकृत 10701 में से सिर्फ 2585 पद ही भरे हुए हैं। 8116 पद अभी तक खाली पड़े हैं। प्रारंभिक शिक्षा में कुल स्वीकृत 12475 में से 3393 पद रिक्त हैं। इस प्रकार दोनों विभागों में कुल 23 हजार 176 पदों में से 11667 ही भरे हुए हैं और 11 हजार 509 पद रिक्त चल रहे हैं।


इधर स्थिति ऐसी भी, इमरोली के 2 स्कूलों में छात्र नहीं फिर भी 13 का स्टाफ

ग्राम पंचायत इमली में उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय दोनों में बच्चे नहीं होने के कारण स्कूल ताला लगाने की पर रहा है। दोनों में लगभग 13 का स्टाफ है, जिनकी लगभग सैलरी 16 से 17 लाख रुपए हर महीने हो है, लेकिन एवं व्यक्तियों के कारण दोनों स्कूलों में मात्र दो बच्चे ही स्कूल परिसर में आ रहे हैं। इमपुर दूमरोली से दावों के बच्चे पास होने पर आसपास तक एक ही स्कूल होने के कारण यहां पर ही नाम लिया जाता था, लेकिन अभी इन सभी गांव में भारी तक स्कूल होने के कारण बच्चों का यहीं पर कर दिया जाता है। कारण बच्चों को नामांकन की संख्या लगातार गिरती जा रही है। ही में राजकमल से कक्षा आठ से उत्तीर्ण होने एक भी बच् माध्यमिक विद्यालय मरोली में नाम दर्ज नहीं कराया है।




स्कूलों में नामांकन बढ़ाना चुनौती : 10% का है लक्ष्य, खाली पड़े हैं शिक्षकों के 50% पद, इनमें 197 स्कूलों में संस्था प्रधान ही नहीं Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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