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सोमवार, 10 जुलाई 2023

निजी स्कूलों की दादागिरी से आरटीई में चयनित 50 हजार बच्चों की छूटी पढ़ाई



 निजी स्कूलों की दादागिरी से आरटीई में चयनित 50 हजार बच्चों की छूटी पढ़ाई

जयपुर. जुलाई महीने के 10 दिन निकल गए हैं। निजी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन आरटीई के तहत चयनित बच्चे प्रवेश के लिए भटक रहे हैं। प्री-प्राइमरी और प्रथम कक्षा में चयनित बच्चों को निजी स्कूल प्रवेश नहीं दे रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों की पढ़ाई छूट रही है। शिक्षा विभाग ने भी कोर्ट का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया है। स्कूल और शिक्षा विभाग के विवाद के बीच करीब 50 हजार बच्चे और अभिभावक फंस गए हैं। आलम यह है कि विभाग की हेल्पलाइन नंबरों पर अभिभावक शिकायत दर्ज करा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।


अन्य स्कूलों में सत्र शुरू, प्रवेश प्रक्रिया पूरी

स्थिति यह है कि ये बच्चे अब न तो आरटीई के तहत प्रवेश पा रहे हैं, न ही सत्र शुरू होने के बाद दूसरी निजी स्कूलों में प्रवेश हो सकेगा। अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा विभाग दो सत्र से आरटीई विवाद का समाधान नहीं कर पाया है। इनमें कई बच्चे ऐसे हैं, जिनका चयन पिछले साल भी आरटीई में हो गया था, लेकिन प्रवेश नहीं हो सका।


यह है विवाद

शिक्षा विभाग ने प्री-प्राइमरी कक्षाओं में आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू की, लेकिन विभाग की ओर से इन कक्षाओं का स्कूलों को भुगतान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में कुछ स्कूल आरटीई प्रक्रिया पर कोर्ट से स्टे ले आए। इसे देखते हुए अन्य निजी स्कूलों ने भी इस प्रक्रिया में प्रवेश बंद कर दिए।निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं देने की कई शिकायतें आ रही हैं। शिक्षा निदेशालय से निर्देश मिल गए हैं। ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।-राजेन्द्र शर्मा हंस, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक


सरकार ऐसी स्कूलों पर कार्रवाई करे या आरटीई में चयनित बच्चों के प्रवेश की व्यवस्था करे। बच्चे विवाद में फंस गए हैं।-अभिषेक जैन, प्रवक्ता, संयुक्त अभिभावक संघ


वैशाली नगर निवासी राहुल सोनी ने बेटे का एडमिशन प्री-प्राइमरी कक्षा में कराने के लिए आरटीई के तहत आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी बेटे को स्कूल प्रवेश नहीं दे रहा। वहीं दूसरी निजी स्कूलों में फरवरी में ही एडमिशन हो गए। ऐसे में बच्चे की पढ़ाई अटकी हुई है। मानसरोवर निवासी राजीव खत्री दो महीने से बेटी का प्रवेश आरटीई के तहत कराने में लगे थे। लॉटरी में बेटी का चयन भी हो गया। तीन जुलाई को प्रवेश होना था, लेकिन क्षेत्र के एक निजी स्कूल ने कोर्ट का हवाला देकर प्रवेश के लिए मना कर दिया। डीईओ को शिकायत पर भी समाधान नहीं हुआ।


निजी स्कूलों की दादागिरी से आरटीई में चयनित 50 हजार बच्चों की छूटी पढ़ाई Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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