जिला कलक्टर ने किया मिड-डे-मील का आकस्मिक निरीक्षण शैक्षणिक गुणवत्ता परखने जिला कलक्टर बने शिक्षक
कोटा 5 जुलाई। जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने बुधवार को विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर मिड-डे-मील, बाल गोपाल दूध वितरण योजना एवं शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर ने इस दौरान शिक्षक बनकर बच्चों का शैक्षिक स्तर भी परखा। जिला कलक्टर ने नयापुरा स्थित राजकीय मोंटेसरी स्कूल का निरीक्षण किया जहां 300 विद्यार्थियों नामांकन पाया गया जिनमें से निरीक्षण के समय 18 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। विद्यालय में भवन जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर होने से कक्षाओं को संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा था। जिला कलक्टर ने कक्षा 6 व 7 के विद्यार्थियों से रूबरू होकर शैक्षणिक गुणवत्ता को परखा एवं विद्यार्थियों की झिझक दूर करते हुए प्रतिदिन अद्यतन एवं सामान्य जानकारी भी प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में बन रहे मिड-डे-मील का निरीक्षण किया जिसमें रोटी एवं दाल बनाई हुई थी। उन्होंने मिड-डे-मील को चखकर गुणवत्ता को देखा तथा पौष्टिक एवं शुद्धता के साथ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि मसालों एवं अन्य सामग्री आउटडेट नहीं हो, स्वच्छता एवं पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मिड-डे-मील की गुणवत्ता को अच्छा बताया।
जिला कलक्टर ने राजकीय वोकेशनल स्कूल का निरीक्षण किया जहां 161 नामांकन में से 83 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के समय विद्यार्थियों द्वारा मिड-डे-मील लिया जा रहा था। मौके पर जिला कलक्टर ने भी विद्यार्थियों के साथ मिड-डे-मील को चखा तथा नियमित रूप से गुणवत्ता एवं बाल गोपाल योजना में मिल रहे दूध के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को दूध योजना में नियमित रूप से दूध पिलाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने बारां रोड़ पुलिस लाईन स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर मिड-डे-मील की सामग्री को देखा तथा रोटी, दाल को चखकर गुणवत्ता का आकलन किया। यहां 405 विद्यार्थियों नामांकन पाया गया जिनमें से 266 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि भोजन बनाते समय शुद्धता व सफाई का नियमित ध्यान रखा जाए। उन्होंने रसोई में रखे हुए सामान को भी जांचा तथा बाल गोपाल दूध योजना में प्राप्त हुए मिल्क पाउडर के स्टॉक का भी अवलोकन कर लोहे के बक्शे में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में मिड-डे-मील, बाल गोपाल दूध योजना, सामग्री की उपलब्धता तथा ऑनलाईन पोर्टल पर फीडिंग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ऊगी हुई खरपतवार एवं भवनों की दीवारों में उगे हुए पेड़, छतों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाकर समय पर हटवाएं। उन्होंने सभी विद्यालयों में रसोईयों में सफाई एवं स्वच्छता का ध्यान रखने, परिसरों की समय-समय पर सफाई कराने, खाली जगहों पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर बने शिक्षक-
जिला कलक्टर ने निरीक्षण के समय मोंटेसरी स्कूल, वोकेशनल स्कूल में बच्चों से शैक्षणिक गुणवत्ता की जानकारी ली, वहीं पुलिस लाईन स्थित विद्यालय में कक्षा 6 के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर शिक्षक की भांति बच्चों को विषयवार अध्ययन कराया। उन्होंने बच्चों से संस्कृत, अंग्रेजी एवं गणित विषय में अनेक सवाल कर जानकारी ली। कक्षा की पुस्तकों से शिक्षक द्वारा कालांश में पढ़ाई गई संस्कृत एवं अंग्रेजी की वर्णमाला व शब्दार्थ के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी ली। बच्चों ने जिला कलक्टर को शिक्षक के रूप में मानकर सवालों के जवाब भी दिए तो उत्तर नहीं आने पर उनका निराकरण भी कराया। कक्षा में गाडिया लुहार परिवार के विद्यार्थी शंकर से जिला कलक्टर ने रूबरू होकर अबतक की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली तथा भविष्य में निरंतर विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के समय जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप चौधरी, संबंधित विद्यालयों के संस्था प्रधान उपस्थित रहे।






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