Kota: कर्मचारी को नोटिस देना पड़ गया भारी; जवाब में लिख दी ऐसी बात, अब अधिकारी पर बैठ गई जांच, जानें मामला
जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सहायक मुख्य अभियंता कोटा संभाग को एक डिस्कॉम कर्मी को देरी से आने पर कारण बताओ नोटिस देना भारी पड़ गया। कर्मचारी ने ऐसा जवाब दिया कि जिसे पढ़कर लोगों के हंसी ठहाके छूट रहे हैं, लेकिन नोटिस देने वाले अधिकारी सहायक मुख्य अभियंता खुद पसीना-पसीना हो गए हैं।जेवीवीएनएल के कार्यालय संभागीय मुख्य अभियंता कोटा संभाग के सहायक मुख्य अभियंता जीएस बेरवा की ओर से 14 जुलाई 2023 को डिस्कॉम के कोटा जेपीडी (आईए रिव.) कार्यालय में सी.ए.- सेकंड पद पर तैनात एक कर्मचारी अजीत सिंह को ऑफिस देरी से आने पर कारण बताओ नोटिस देना भारी पड़ गया। कर्मचारी ने ऐसा जवाब दिया कि सहायक मुख्य अभियंता के होश फाख्ता हो गए और अब उनके ऊपर भी जांच की तलवार लटक गई है। कर्मचारी ने नोटिस के नीचे ही खाली जगह पर दो लाइन का टका सा जवाब दे दिया। जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जवाब है ही ऐसा कि जिसे पढ़ पढ़कर लोगों और खासकर सरकारी महकमों के कर्मचारियों के हंसी- ठहाके छूट रहे हैं। इतना ही नहीं जवाब में ऐसा प्रश्न भी खड़ा कर दिया गया है कि नोटिस जारी करने वाला सहायक मुख्य अभियंता खुद जांच के घेरे में आ गया है।
नोटिस में लिखा, कारण स्पष्ट करें?
कारण बताओ नोटिस में लिखा गया था "आपके कार्यालय का दिनांक 14 जुलाई 2023 को सुबह 9:45 बजे औचक निरीक्षण किया गया। आपके ऑफिस के अटेंडेंस रजिस्टर में उस समय और अन्य तारीख को आपके हस्ताक्षर अंकित नहीं थे, यानी आप उस समय और तारीख को कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। कृपया कारण स्पष्ट करें।
आप स्वयं भी समय पर नहीं आते हैं...तो मैं भी नहीं आता
जवाब में कर्मचारी ने दो लाइन लिखकर अपने ही बॉस को चुनौती देकर लिखित में उनकी पोल खोल दी। कर्मचारी ने लिखा- "आप स्वयं कभी समय पर नहीं आते हैं। इसलिए मैं भी समय पर नहीं आता हूं।"यह जवाब लिखकर कर्मचारी अजीत सिंह ने 17 जुलाई 2023 को नोटिस जारी करने वाले सहायक मुख्य अभियंता को भिजवा दिया। बाकायदा लिखित जवाब के नीचे हस्ताक्षर और तारीख भी डाली गई। ऑफिशियल रिकॉर्ड में यह चीज दर्ज हो गई। इससे कर्मचारी के साथ ही अब सहायक मुख्य अभियंता भी जांच के दायरे में आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक विभाग के आला अधिकारियों तक पूरा मामला पहुंचा है और अब दोनों ही अधिकारी और कर्मचारी की जांच करवाई जा रही है।
अनुशासनहीनता, पोल खोल अभियान या आगे के लिए सबक?
सरकारी महकमों और दफ्तरों में में अधिकारियों-कर्मचारियों की लेटलतीफी, कार्यशैली की इस कारण बताओ नोटिस और जवाब के आदान-प्रदान ने पोल खोल कर रख दी है। अफसर और कर्मचारियों में आपसी तनातनी और खींचतान के किस्से अब तक गपशप में सुनने को मिलते थे, जो रिकॉर्ड पर लिखित में भी आने लगे हैं। इसे देर से ऑफिस पहुंचने वाले कर्मचारी का दुस्साहस और अनुशासनहीनता कहें या अपने ही बॉस को चुनौती या सिस्टम की पोल खोलने वाली कोशिश कहें? लेकिन जनता ही इसका सही आकलन कर सकती है। यह घटना गम्भीर भी है और रोचक भी है। बहरहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नोटिस और कर्मचारी का जवाब खूब शेयर किए जा रहे हैं।
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