अधिशेष 746 शिक्षकों की चिंताएं बढ़ी, 9 माह से समायोजन का इंतजार, अब रीट के अभ्यर्थी आए तो भर जाएंगे रिक्त पद
महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में दिसंबर माह में गा, पदस्थापन के बाद से अधिशेष हुए 746 शिक्षकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। रीट की नई भर्ती के तहत अभ्यर्थियों को जिला आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। यदि सरकार ने चा, समय पर कोई फैसला नहीं किया तो पुराने शिक्षकों के बना सामने समस्या खड़ी हो जाएगी। क्योंकि नई भर्ती के मी अभ्यर्थियों से स्कूलों में रिक्त पद हैं वे भर जाएंगे। ऐसे में हैं। अधिशेष शिक्षकों को दूर के स्कूलों में समायोजित होना 7 पड़ सकता है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अधिशेष न शिक्षकों के समायोजन को लेकर निदेशक ने हरी झंडी दे दी न है और कहा है कि इन्हें जो भी नजदीकी स्कूल हैं वहां यों समायोजित कर दिया जाए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने म कवायद शुरू कर दी है। उम्मीद लगाई जा रही है कि के आगामी एक या दो दिनों में अधिशेष शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
नए नियमों में कहा- प्रारंभिक, माध्यमिक व अंग्रेजी माध्यम में लगा सकेंगे
सरकार ने नई गाइडलाइन में कहा है कि लेवल प्रथम व द्वितीय के शिक्षकों को किसी भी सेटअप में लगाया जा सकेगा। मतलब पहले प्रारंभिक शिक्षा में पदों को भरा जाएगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा में रिक्त पदों को इन्हीं से भरा जाएगा। इस बीच यदि किसी के पास 12वीं व स्नातक में अंग्रेजी विषय है तो उसे अंग्रेजी माध्यम में पदस्थापन दिया जा सकेगा। शिक्षा सेवा नियमों के तहत यदि माध्यमिक शिक्षा में पद भर जाते हैं तो इन शिक्षकों को दुबारा प्रारंभिक शिक्षा में लिया जा सकता है। इनके नियुक्ति आदेशों में इस शर्त का उल्लेख रहेगा।
लेवल प्रथम और द्वितीय दोनों ने किया था ज्वाइन
सरकार ने दिसंबर माह में महात्मा गए कि जब तक समायोजन प्रक्रिया पूरी नहीं कर ली जाती है तब तक ऐसे सभी शिक्षक जिन स्कूलों में हैं वहींगांधी स्कूलों में नए स्टाफ की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए थे। आदेश जारी होने के बाद लेवल प्रथम और कार्यरत रहेंगे। द्वितीय दोनों तरह के शिक्षकों ने ज्वाइन भी कर लिया। इससे पुराने शिक्षक उन्हीं स्कूलों में अधिशेष हो गए। उन्हें नौ महीने से कहीं भी पोस्टिंग नहीं दी गई है।
पहले तो इन शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा के लिए एपीओ करते हुए रिलीव कर दिया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद ही आदेश जारी किएअधिशेष शिक्षकों के बारे में मार्गदर्शन मिल गया है। निदेशक के आदेश हैं कि इन शिक्षकों को उन्हीं के नजदीकी जो भी स्कूल हैं उनमें समायोजित कर दिया जाए। जल्दी ही प्रक्रिया शुरू कर समायोजन करेंगे। ताकि अधिशेष शिक्षकों का कोई नुकसान नहीं हो। नेकीराम, सीडीईओ
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