सनातन संस्कृति के प्रत्येक पर्व स्कूलों और महाविद्यालयों में मनाने का निर्णय
बीकानेर | सनातन धर्म साधना पीठ प्रत्येक पर्व पर विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के संग मुहीम चलाएगी। प्रवक्ता सुनीलम ने बताया कि पीठ ने यह निर्णय विद्यालयों के लिए इसलिए लिया है क्योंकि जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपने गुरु सांदीपनि ऋषि के आश्रम में रहते हुए सनातन धर्म की 64 कलाए सीखी थी तो भारत राष्ट्र का प्रत्येक सनातनी बालक अपने गुरु के आश्रय में रहकर सनातन धर्म की मूल भावना को पहचान सकता है।
जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर प्रथम कार्यक्रम उस्ता बारी बाहर स्थित विद्यालय में विद्यार्थियों संग भगवान बाल गोपाल का दूध, दही, शहद, शक्कर, पंचामृत एवं पंचपुष्प से अभिषेक किया गया। इस अवसर पर रुचिका पुरोहित, आदित्य व्यास, राखी आचार्य, पं. तरुण व्यास, पं. मुरली पुरोहित, पवन राठी, योगेश बिस्सा सहित स्कूल के समस्त अध्यापकगण उपस्थित थे।

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