टीएसपी -नोन टीएसपी जिलों में कार्यरत शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई आदान-प्रदान नीति के तहत शिक्षकों को विभाग करे समायोजित: हाईकोर्ट
बरसों से शिक्षक गृह जिले में जाने की कर रहे हैं कोशिश
नागौर. राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर ने टीएसपी (अधिसूचित क्षेत्र) और सामान्य (नॉन टीएसपी) जिले में कार्यरत वरिष्ठ शिक्षकों को आदान-प्रदान की नीति के आधार पर समायोजित करने के आदेश दिए हैं। इससे बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ, सहित कई जिलों के शिक्षकों को भी राहत मिली है। इससे पहले सामान्य (नॉन टीएसपी) जिले में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया छह माह में करने के आदेश उच्च न्यायाधीश डॉ पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने दिए थे। जिनमें सभी सामान्य जिलों के शिक्षक को टीएसपी से अपने पसंदीदा स्थान पर पोस्टिंग देने को कहा था।
एडवोकेट रामदेव पोटलिया ने बताया कि हाल के नए आदेश से आदान-प्रदान से स्थानांतरण व समायोजन किया जा सकता है। बहुत से शिक्षक टीसपी से नोन टीएसपी तो कुछ शिक्षक उनके विपरीत नॉन टीसपी से अधिसूचित क्षेत्र मे स्थानांतरण/समायोजन चाह रहे हैं। इस आदेश से विभाग को आदान-प्रदान / आपसी समायोजन करने मे आसानी होगी ।
यह है मामला
शिक्षक नरेन्द्र जैन समेत कई शिक्षक टीसपी क्षेत्र प्रतापगढ, बासंवाड़ा,डूंगरपुर व उदयपुर के मूल निवासी हैं । भीलवाड़ा, बाड़मेर समेत कई नोन टीसपी जिलों में बरसों से कार्यरत हैं। कुछ पति-पत्नी शिक्षक हैं, पत्नी बांसवाड़ा तो पति बाड़मेर सहित दूसरे जिले में है। इसके लिए टीएसपी क्षेत्र में स्थानांतरण/समायोजन के लिए इन्होंने याचिका दायर की थी। एडवोकेट रामदेव पोटलिया ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए कहा कि विभाग ने पूर्व में ऐसे शिक्षक जो टीसपी और जो नॉन टीसपीजिलों में कार्यरत थे उनसे ऑप्शन / विकल्प पत्र लेकर अधिसूचित क्षेत्र के गृह जिलो में वर्ष- 2015 में समायोजन किया था। हाल में राज्य सरकार ने पुन: विकल्प पत्र लेने व समायोजन के आदेश पारित किया गया था। मुनीष कुमार व सैकड़ों शिक्षको की याचिका पर न्यायालय ने छह माह टीएसपी से नोन टीएसपी में समायोजित करने का आदेश पारित किया था। याचिका में विपरीत स्थानांतरण/ व समायोजन चाह रहे हैं और याचिकाकर्ता नॉन टीसपी से अधिसूचित क्षेत्र मे स्थानांतरण/ समायोजन चाह रहे हैं।
करीब आठ सौ से अधिक शिक्षक नॉन टीएसपी जिलों व गृह जिले में स्थानान्तरण चाह रहे थे, तो ठीक इसके विपरीत अधिसूचित क्षेत्र वाले शिक्षक अपने जिलों में जाने के लिए याचिका दाखिल की थी। इस पर हाईकोर्ट ने आदान-प्रदान की नीति से इनको नॉन टीएसपी से अधिसूचित क्षेत्र में समायोजन के प्रार्थना पत्र पर आवश्यक कार्रवाई व समायोजित करने का आदेश पारित किया।रामदेव पोटलिया, एडवोकेट राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर
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