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मंगलवार, 25 अगस्त 2026

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर सुनकर निराश मत होइए, असली खेल DA के बाद की सैलरी में



 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर सुनकर निराश मत होइए, असली खेल DA के बाद की सैलरी में

8वें वेतन आयोग की जब से घोषणा हुई है, सभी कर्मचार‍ियों के मन में एक ही बात की टेंशन है क‍ि फिटमेंट फैक्टर कितना मिलेगा. कुछ लोग इसे कम मानकर चल रहे हैं तो कुछ ज्‍यादा. कहीं 2.57 की बात हो रही तो कहीं 2.86 की उम्मीद है. कहीं 2.1 जैसे आंकड़े सामने आ रहे हैं. अब अगर कोई कर्मचारी सुनता है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था और 8वें वेतन आयोग में यह सिर्फ 2.1 हो सकता है, तो शुरू में तो उसे लगेगा क‍ि सैलरी में बढ़ोत्‍तरी शायद कम हो जाए. लेकिन ऐसा नहीं है. एक्‍सपर्ट्स कह रहे क‍ि चूंक‍ि फिटमेंट फैक्टर अकेले सैलरी बढ़ोतरी नहीं बताता, इसलिए इससे गण‍ित को सही नहीं मान सकते. असल गणित यह है कि अभी आपकी बेसिक सैलरी कितनी है, उस पर कितना DA मिल रहा है और नए वेतन आयोग में नई बेसिक कितनी तय होती है. यानी 2.1 का आंकड़ा छोटा जरूर दिखता है, लेकिन इससे मिलने वाला वास्तविक फायदा उससे बड़ा हो सकता है. कर्मचारी नेता और ऑल इंड‍िया एनपीएस इंप्‍लाईज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने इसे समझाने की कोश‍िश की है.

7वें वेतन आयोग में क्‍या म‍िला

7th पे कमीशन लागू होने से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 थी.आयोग ने फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा. सीधा हिसाब लगाया जाए तो 7,000 × 2.57 = 17,990. इसे राउंड करके नई न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 तय हुई.अब यहां तक देखने पर लगता है कि कर्मचारी की सैलरी लगभग ढाई गुना हो गई. लेकिन असली तस्वीर कुछ और थी. उस समय कर्मचारियों को बेसिक के ऊपर 125% DA मिल रहा था . 7,000 की बेसिक पर 125% DA यानी करीब 8,750 DA हुआ. अब बेसिक और DA को जोड़िए तो यह बनेगा 15,750.यानी कर्मचारी पहले से ही करीब 15,750 बेसिक और DA के रूप में पा रहा था. सातवें वेतन आयोग के बाद उसे बेस‍िक म‍िला स‍िर्फ 18000 रुपये. यही वजह है कि केवल 2.57 फिटमेंट फैक्टर देखकर 7वें वेतन आयोग की वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी को समझना सही नहीं होगा.



अब 8वें वेतन आयोग में क्‍या होगा?

7वें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम बेसिक पे 18000 है. मान लीजिए 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.1 रखा जाता है. तो नई बेसिक सैलरी 37,800 हो जाएगी. पहली नजर में लगेगा क‍ि 7वें वेतन आयोग में 2.57 मिला था और अब सिर्फ 2.1 मिल रहा है. मतलब इस बार फायदा कम होगा.लेकिन कहानी कुछ और है. क्योंकि आज कर्मचारी सिर्फ 18,000 बेसिक नहीं ले रहा. उसे बेसिक के ऊपर DA भी मिल रहा है. इसलिए 8वें वेतन आयोग के बाद मिलने वाली नई बेसिक की तुलना केवल 18,000 से नहीं करनी चाहिए.तुलना होनी चाहिए मौजूदा बेस‍िक क‍ितनी है और डीए क‍ितना म‍िल रहा है. अगर 2.1 फिटमेंट फैक्टर मानें, तो न्यूनतम बेसिक पे 18000 से बढ़कर 37800 हो जाएगी. यानी बेसिक पे में सीधा अंतर 19,800 का होगा.लेकिन कर्मचारी की मौजूदा कुल सैलरी को समझने के लिए इसमें वर्तमान DA को भी ध्यान में रखना होगा. यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों से जुड़े कुछ प्रतिनिधि मानते हैं कि 2.1 फिटमेंट फैक्टर सुनने में भले 2.57 से कम लगे, लेकिन सैलरी इससे ज्‍यादा बढ़ सकती है.

लेकिन कैसे बढ़ेगी सैलरी?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18000 है. अगर उस पर मौजूदा DA जोड़ दिया जाए तो उसे काफी ज्‍यादा म‍िल रहा होगा.अगर फिटमेंट फैक्टर 2.1 रहता है तो नई बेसिक 37800 हो जाएगी. अब यही कारण है कि फिटमेंट फैक्टर को देखकर सीधे यह निष्कर्ष निकालना कि सैलरी सिर्फ 2.1 गुना होगी गलत है.

कर्मचारी संगठन का दावा क्या है?

ऑल इंड‍िया एनपीएस इंप्‍लाईज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने गुणा गण‍ित करके बताया क‍ि 2.1 के फिटमेंट फैक्टर पर वास्तविक प्रभाव करीब 53% तक हो सकता है. उनकी तुलना में 7वें वेतन आयोग के दौरान जो वेतन बढ़ा वो करीब 32% बैठता है. एक बात औ 53% की गणना 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक आंकड़ा नहीं है. यह मंजीत पटेल का कैलकुलशन है. सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्‍टर 2.1 तय भी नहीं क‍िया है. इसल‍िए इसे स‍िर्फ एक गण‍ित के तौर पर देखें. अलग अलग पे लेवल पर अलग अलग बेस‍िक सैलरी होगी. अलग अलग डीए होगा और सैलरी भी उसी के ह‍िसाब से अलग अलग होगी.

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर सुनकर निराश मत होइए, असली खेल DA के बाद की सैलरी में Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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