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मंगलवार, 25 अगस्त 2026

Dungarpur News: 120 बच्चे पढ़ रहे थे, तभी भरभराकर गिरी स्कूल की छत, बंद कमरे ने बचाई जान



Dungarpur News: 120 बच्चे पढ़ रहे थे, तभी भरभराकर गिरी स्कूल की छत, बंद कमरे ने बचाई जान

डूंगरपुर. राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया. स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं और करीब 120 बच्चे अपने-अपने कमरों में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे. इसी दौरान स्कूल परिसर में लंबे समय से बंद पड़े एक जर्जर कमरे की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई. छत गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई. बच्चे और शिक्षक तुरंत अपने-अपने कमरों से बाहर निकल आए.बाद में पता चला कि जिस कमरे की छत गिरी है, वह काफी समय से जर्जर हालत में था और सुरक्षा कारणों से उसे बंद कर दिया गया था. इसी वजह से बच्चों को उस कमरे में नहीं बैठाया जा रहा था और बड़ा हादसा टल गया. दरअसल, सत्तु देवकी के अपर प्राइमरी स्कूल में रोजाना की तरह मंगलवार को भी कक्षाएं संचालित हो रही थीं. स्कूल में करीब 120 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं. शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे, तभी बंद पड़े जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई. तेज आवाज के बाद शिक्षक और विद्यार्थी बाहर आए तो देखा कि जर्जर दो कमरों में से एक कमरे की पूरी छत ढह चुकी थी.


10 कमरों में से 2 कमरे लंबे समय से जर्जर

स्कूल प्रबंधन के अनुसार भवन के कुल 10 कमरों में से 2 कमरे लंबे समय से जर्जर हो चुके हैं. इन कमरों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था और करीब एक साल से इनका इस्तेमाल पूरी तरह बंद था. बच्चों को इन कमरों में कक्षाएं नहीं लगाई जा रही थीं. इसी सावधानी के कारण छत गिरने के बावजूद किसी विद्यार्थी या शिक्षक के घायल होने की सूचना नहीं है. स्कूल के शिक्षकों ने पीईईओ पंकज वर्मा को सूचना दी. इसके बाद पीईईओ पंकज वर्मा और सीबीईओ दीपक शाह मौके पर पहुंचे और स्कूल की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने जर्जर कमरों का निरीक्षण किया और स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली.


नई छत डालने के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं

सीबीईओ दीपक शाह ने बताया कि स्कूल में एक अन्य कमरे की छत भी जर्जर हालत में है. उसकी नई छत डालने के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही कमरों की मरम्मत का काम करवाया जाएगा. फिलहाल जर्जर कमरों का उपयोग बंद रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो. घटना के बाद स्कूल में मौजूद बच्चों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली. हालांकि, छत गिरने की घटना ने स्कूल भवनों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत की जरूरत को भी सामने ला दिया है.


Dungarpur News: 120 बच्चे पढ़ रहे थे, तभी भरभराकर गिरी स्कूल की छत, बंद कमरे ने बचाई जान Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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