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गुरुवार, 20 अगस्त 2026

यूपी में 50 हजार बेटियों को मुफ्त स्कूटी, जानें किसे मिलेगा लाभ और दिव्यांग छात्राओं के लिए क्या है नियम

 


यूपी में 50 हजार बेटियों को मुफ्त स्कूटी, जानें किसे मिलेगा लाभ और दिव्यांग छात्राओं के लिए क्या है नियम

उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए योगी सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। योजना को लेकर सबसे ज्यादा सवाल इस बात पर है कि आखिर दिव्यांग छात्राओं को मुफ्त स्कूटी के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिए होंगे। सामान्य मेधावी छात्राओं के लिए जहां मेरिट का नियम लागू किया गया है, वहीं दिव्यांग, निराश्रित और शहीद सैनिक परिवार की बेटियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक इन छात्राओं को सामान्य मेरिट से राहत दी गई है और उन्हें कम अंक होने के बावजूद योजना का लाभ मिल सकेगा।

दिव्यांग छात्राओं के लिए कितने प्रतिशत अंक जरूरी?

यही इस योजना का सबसे अहम सवाल है। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक दिव्यांग छात्राओं के लिए 80 प्रतिशत, 75 प्रतिशत या किसी एक निश्चित प्रतिशत अंक की अनिवार्य शर्त नहीं रखी गई है।रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में सामान्य छात्राओं का चयन उनकी मेरिट के आधार पर किया जाएगा। लेकिन दिव्यांग, निराश्रित और शहीद सैनिक परिवार की बेटियों के लिए अलग मानक रखा गया है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार सामान्य छात्राओं की मेरिट से 10 प्रतिशत कम अंक पाने वाली इन श्रेणियों की छात्राओं को भी योजना का लाभ दिया जा सकता है। वहीं योजना से जुड़ी दूसरी विस्तृत रिपोर्ट में इन विशेष श्रेणियों के लिए अंक प्रतिशत और आय सीमा की सामान्य शर्त नहीं होने की बात कही गई है।इसलिए दिव्यांग छात्राओं को यह नहीं समझना चाहिए कि सिर्फ 80 प्रतिशत अंक होने पर ही स्कूटी मिलेगी। 80 प्रतिशत की चर्चा सामान्य मेधावी छात्राओं की पात्रता से जुड़ी है, दिव्यांग छात्राओं के लिए इसे अनिवार्य न्यूनतम अंक नहीं माना जाना चाहिए।

सामान्य छात्राओं के लिए क्या है नियम?

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का फैसला किया गया है। सरकार ने पहले चरण में करीब 50 हजार छात्राओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा है। सामान्य छात्राओं के चयन में प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय की शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को मेरिट के आधार पर शामिल किया जाएगा।यानी सामान्य श्रेणी की छात्रा के लिए सिर्फ स्नातक पास होना पर्याप्त नहीं है। उसे अपने संस्थान की मेरिट में निर्धारित स्थान हासिल करना होगा। इसी वजह से अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पात्र छात्राओं के अंक अलग हो सकते हैं।कुछ हालिया रिपोर्टों में 80 प्रतिशत से अधिक अंक वाली छात्राओं को पात्र सूची में शामिल करने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसे हर कॉलेज की छात्रा के लिए एक समान न्यूनतम अंक समझना सही नहीं होगा, क्योंकि मूल चयन संस्थान की मेरिट और निर्धारित नियमों के आधार पर होना है।

दिव्यांग छात्राओं को सबसे बड़ी राहत

दिव्यांग छात्राओं के लिए योजना की सबसे बड़ी राहत यह है कि उन्हें सामान्य मेधावी छात्राओं की तरह ऊंची मेरिट में जगह बनाने की अनिवार्यता से राहत दी गई है। सरकार ने दिव्यांग, निराश्रित और शहीद परिवार की बेटियों को विशेष श्रेणी में रखा है। इनके लिए सामान्य छात्राओं पर लागू आय सीमा भी लागू नहीं होने की जानकारी दी गई है।इसका सीधा फायदा उन छात्राओं को हो सकता है जो पढ़ाई में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन दिव्यांगता या आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण सामान्य मेरिट में ऊपर नहीं आ पातीं।

करीब 50 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ

सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट रखा है। पहले चरण में लगभग 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की योजना है। इसमें राज्य विश्वविद्यालयों के साथ निजी विश्वविद्यालय, राजकीय डिग्री कॉलेज, सहायता प्राप्त कॉलेज और मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज भी शामिल किए गए हैं।सरकार का उद्देश्य केवल स्कूटी बांटना नहीं है। दूर-दराज के गांवों और कस्बों से कॉलेज आने वाली छात्राओं के लिए आवागमन आसान बनाना और उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है। आकाशवाणी की रिपोर्ट में भी सरकार की ओर से उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने और पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर कम करने को योजना का उद्देश्य बताया गया है।

स्कूटी के साथ ये सुविधाएं भी

योगी सरकार की योजना में छात्राओं को केवल स्कूटी देकर जिम्मेदारी खत्म नहीं की जाएगी। योजना के पैकेज में स्कूटी के साथ पंजीकरण, बीमा, हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज भी शामिल हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार 4 लीटर पेट्रोल देने का भी प्रावधान है।सरकार ने पेट्रोल वाली स्कूटी देने का फैसला इसलिए किया है ताकि ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में छात्राओं को सर्विस सेंटर और ईंधन की उपलब्धता को लेकर परेशानी न हो।

किन छात्राओं को मिलेगा लाभ?

योजना में सबसे पहले उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राओं को शामिल किया गया है। सामान्य श्रेणी में स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं का चयन संस्थान की मेरिट के आधार पर होगा। वहीं दिव्यांग, निराश्रित और शहीद सैनिक परिवार की बेटियों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।इसलिए अगर आप दिव्यांग छात्रा हैं तो केवल अपने प्रतिशत को देखकर योजना से बाहर होने की धारणा न बनाएं। आपके लिए सामान्य छात्राओं वाली मेरिट की शर्त अलग तरीके से लागू होती है। हालांकि अंतिम पात्रता और चयन संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों तथा विश्वविद्यालय द्वारा भेजी जाने वाली सूची के आधार पर ही तय होगा।

कॉलेजों से मांगा जा रहा है छात्राओं का रिकॉर्ड

अब योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की ओर से पात्र छात्राओं का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में भी 2025-26 सत्र की स्नातक अंतिम वर्ष की छात्राओं से आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि विश्वविद्यालय स्तर पर पात्र छात्राओं की सूची तैयार करने का काम चल रहा है।ऐसे में छात्राओं को अपने कॉलेज से लगातार जानकारी लेते रहना चाहिए और अंकपत्र, निवास प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र तथा अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

साफ समझिए प्रतिशत का पूरा मामला

अगर आप इस योजना को लेकर सिर्फ एक बात याद रखना चाहते हैं तो वह यह है कि सामान्य छात्राओं के लिए मेरिट महत्वपूर्ण है, जबकि दिव्यांग छात्राओं के लिए विशेष छूट दी गई है।दिव्यांग छात्राओं के लिए कोई एक तय 80 प्रतिशत या 75 प्रतिशत न्यूनतम अंक बताकर योजना को समझना सही नहीं होगा। ताजा रिपोर्टों में विशेष श्रेणी की छात्राओं के लिए सामान्य मेरिट से 10 प्रतिशत तक कम अंक पर लाभ की जानकारी है, जबकि विस्तृत खबरों में दिव्यांग, निराश्रित और शहीद परिवार की बेटियों के लिए अंक प्रतिशत की सामान्य शर्त से छूट का उल्लेख है। इसलिए अंतिम चयन में संबंधित सरकारी दिशा-निर्देश और विश्वविद्यालय की पात्रता सूची को ही निर्णायक माना जाएगा।यही वजह है कि कम अंक वाली दिव्यांग छात्राओं के लिए भी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना बड़ी राहत बन सकती है। योजना का उद्देश्य बेटियों को सिर्फ पुरस्कार देना नहीं, बल्कि उन्हें कॉलेज और विश्वविद्यालय तक आसानी से पहुंचने का साधन देकर उच्च शिक्षा जारी रखने का मौका देना है।

यूपी में 50 हजार बेटियों को मुफ्त स्कूटी, जानें किसे मिलेगा लाभ और दिव्यांग छात्राओं के लिए क्या है नियम Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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