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सोमवार, 7 सितंबर 2026

UP TGT PGT Recruitment 2026: शिक्षक भर्ती को लेकर प्रयागराज में आमरण अनशन, पुराने नियम और पैटर्न पर विज्ञापन की मांग

 

UP TGT PGT Recruitment 2026: शिक्षक भर्ती को लेकर प्रयागराज में आमरण अनशन, पुराने नियम और पैटर्न पर विज्ञापन की मांग

UP TGT PGT Recruitment 2026: शिक्षक भर्ती को लेकर प्रयागराज में आमरण अनशन, पुराने नियम और पैटर्न पर विज्ञापन की मांग

UP TGT PGT Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में TGT-PGT शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आठवें दिन पहुंच गया, जबकि पांच अभ्यर्थियों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं।अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं और नियमों में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलन कर रहे संगठन के मुताबिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 20 हजार से अधिक पद ऐसे हैं, जिन पर भर्ती का इंतजार है। हालांकि पदों की अंतिम संख्या और भर्ती का आधिकारिक कार्यक्रम चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में ही स्पष्ट होगा।

तीसरे दिन भी जारी रहा आमरण अनशन

प्रयागराज में शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे आंदोलन में पांच अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। सोमवार को उनका अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना-प्रदर्शन आठवें दिन पहुंच चुका है।आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि पहले से रिक्त TGT-PGT पदों के लिए भर्ती विज्ञापन ऐसी नियमावली के आधार पर जारी किया जाए, जो संबंधित पदों के रिक्त होने के समय लागू थी। उनका तर्क है कि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने पुराने नियम और परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर अपनी तैयारी की है। नई व्यवस्था के कारण उनकी पात्रता और परीक्षा की तैयारी दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

पुरानी नियमावली की मांग क्यों उठी?

इस पूरे विवाद का केंद्र नियमों में बदलाव है। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि 16 सितंबर 2025 से पहले से खाली पदों पर उस समय लागू नियमों के अनुसार भर्ती की जानी चाहिए।उनका कहना है कि नई नियमावली में पात्रता से जुड़े कई बदलाव किए गए हैं। ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने पहले से उपलब्ध नियमों के आधार पर अपनी पढ़ाई और तैयारी की थी, उनके लिए नई शर्तें परेशानी पैदा कर सकती हैं। इसी वजह से अभ्यर्थी पुराने नियम और पुराने परीक्षा पैटर्न को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।हालांकि, भर्ती नियमों की अंतिम व्याख्या और किस रिक्त पद पर कौन-सी नियमावली लागू होगी, यह संबंधित सरकारी आदेश और आधिकारिक भर्ती विज्ञापन से ही तय होगा।

किन योग्यता नियमों पर आपत्ति?

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने नई नियमावली में कई विषयों की पात्रता को लेकर आपत्ति जताई है। इनमें PGT यानी प्रवक्ता पद के लिए B.Ed की अनिवार्यता, हिंदी विषय में इंटर स्तर पर संस्कृत की शर्त, संगीत में B.Ed की आवश्यकता और शारीरिक शिक्षा में CP.Ed अभ्यर्थियों को अवसर से बाहर किए जाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।इसके अलावा अंग्रेजी विषय में लेक्चरर और लैंग्वेज से संबंधित योग्यता, गृह विज्ञान और सामाजिक विज्ञान समेत अन्य विषयों के पात्रता मानकों में बदलाव की समीक्षा की मांग भी की गई है।इन मांगों से साफ है कि विवाद केवल भर्ती की तारीख को लेकर नहीं है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि भर्ती में कौन आवेदन कर सकेगा और परीक्षा किस व्यवस्था के तहत होगी, इस पर भी सरकार पुनर्विचार करे।

TGT भर्ती में TET का मुद्दा भी गरमाया

UP TGT भर्ती से जुड़ा एक दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा TET है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से TGT भर्ती में TET को अनिवार्य करने का प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक TGT भर्ती में स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक और TET से संबंधित शर्तों को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है।यही प्रस्ताव अभ्यर्थियों के एक वर्ग की चिंता बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि यदि भर्ती विज्ञापन से ठीक पहले नई पात्रता लागू की जाती है तो लंबे समय से तैयारी कर रहे कई उम्मीदवार आवेदन के दायरे से बाहर हो सकते हैं।दूसरी ओर, पात्रता नियमों में बदलाव का उद्देश्य नियमों को संबंधित मानकों और राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप करना बताया जा रहा है। इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति शासन की मंजूरी और भर्ती विज्ञापन के बाद ही साफ होगी।

PGT के लिए भी बदली है पात्रता

प्रवक्ता यानी PGT भर्ती को लेकर भी पात्रता में बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है। हालिया जानकारी के मुताबिक PGT पद के लिए परास्नातक में कम से कम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इसका आधार संबंधित राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा मानकों के अनुरूप पात्रता तय करना बताया गया है।यानी TGT-PGT भर्ती में इस समय दो स्तरों पर बदलाव चर्चा में हैं एक तरफ भर्ती का नया नियम और पात्रता, दूसरी तरफ परीक्षा के पैटर्न और सिलेबस को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता।

20 हजार से ज्यादा पदों का दावा, विज्ञापन का इंतजार

आंदोलनकारी संगठन का कहना है कि सहायता प्राप्त माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में 20 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली हैं। इन पदों पर जल्द भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की जा रही है।हालांकि उम्मीदवारों के लिए यह समझना जरूरी है कि रिक्त पदों का दावा और अंतिम भर्ती पदों की संख्या अलग-अलग हो सकती है। भर्ती विज्ञापन जारी होने पर ही विषयवार पद, आरक्षण और अन्य विवरण आधिकारिक रूप से सामने आएंगे।इसीलिए अभी अभ्यर्थियों को किसी वायरल पद संख्या या संभावित आवेदन तारीख को अंतिम नहीं मानना चाहिए।

आंदोलनकारी किन मांगों पर अड़े हैं?

प्रयागराज में चल रहे आंदोलन में मुख्य रूप से ये मांगें सामने आई हैं:

  • पुराने नियमों के आधार पर TGT-PGT भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाए।

  • पुराने परीक्षा पैटर्न को लागू किया जाए।

  • लंबे समय से खाली पदों पर जल्द भर्ती शुरू की जाए।

  • नई नियमावली में बदली गई विषयवार योग्यताओं की समीक्षा हो।

  • TET से जुड़े प्रस्ताव पर अभ्यर्थियों की चिंताओं को ध्यान में रखा जाए।

  • चयन आयोग को भर्ती प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।

आंदोलनकारियों ने कहा है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

उम्मीदवारों को अब क्या करना चाहिए?

TGT और PGT भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि वे आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार करते हुए अपनी तैयारी जारी रखें। नियमों को लेकर चल रहे विवाद के कारण तैयारी पूरी तरह रोकना नुकसानदेह हो सकता है।उम्मीदवार अपने विषय के पुराने प्रश्नपत्र हल कर सकते हैं, संभावित सिलेबस के प्रमुख हिस्सों को दोहरा सकते हैं और परीक्षा पैटर्न में संभावित बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयारी का बैकअप प्लान बना सकते हैं।साथ ही अपनी शैक्षिक योग्यता के दस्तावेजों की जांच कर लें। यदि TET, B.Ed या विषय विशेष की योग्यता से संबंधित कोई नई शर्त अंतिम विज्ञापन में आती है तो उसी के आधार पर पात्रता तय होगी।

आगे क्या होगा?

अब नजर सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अगले कदम पर है। एक तरफ अभ्यर्थी पुराने नियमों और पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पात्रता नियमों को संशोधित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में TGT-PGT भर्ती का विज्ञापन कब और किन शर्तों के साथ जारी होता है, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।फिलहाल इतना स्पष्ट है कि प्रयागराज में आंदोलन तेज हो गया है और अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में जल्द फैसला चाहते हैं। भर्ती की अंतिम पात्रता, पदों की संख्या, आवेदन की तारीख और परीक्षा पैटर्न की पुष्टि केवल आधिकारिक विज्ञापन के बाद ही होगी।

UP TGT PGT Recruitment 2026: शिक्षक भर्ती को लेकर प्रयागराज में आमरण अनशन, पुराने नियम और पैटर्न पर विज्ञापन की मांग Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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