गहलोत का चुनावी दांव, राजस्थान में 19 नए जिले और 3 संभाग बनाने की घोषणा; जानिए नाम
राजस्थान के सीएम अशोक गहोलत ने चुनाव से पहले मास्टर स्ट्रोक खेला है। सीएम गहलोत ने 19 नए जिले और 3 संभाग बनाने की घोषणा की है। सीएम अशोक गहलोत की घोषणा से प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। जबकि संभाग 10 हो गए है। पहले 33 जिले थे और 7 संभाग थे। बता दें राजस्थान में नए जिलों की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सीएम अशोक गहलोत ने सेवानिवृत्त आईएएस रामलुभाया की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। हाल ही में सीएम ने कमेटी का कार्यकाल 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है। कमेटी को नए जिलों के लिए 160 से ज्यादा प्रस्ताव मिले थे। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा मदरसा पैराटीचर्स की भर्ती होगी।
#WATCH | Rajasthan CM Ashok Gehlot announces the formation of new districts in the state; says, "...With the formation of 19 new districts, the state now has a total of 50 districts." pic.twitter.com/Fq7XQWdLYO
— ANI (@ANI) March 17, 2023
इसके अलावा सीएम ने उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर का विकास करवाने की घोषणा की है। इस पर 100 करोड़ रुपए का खर्च होगा। इसी तरह पुष्कर का भी विकास किया जाएगा। चुनावी साल में इस घोषणा को काफी अहम माना जा रहा है। त्रिुपरा सुंदरी, सांवलियाजी, खोले के हनुमानजी, तनोट मातेश्वरी, श्रीनाथजी, कैला देवी, वीर तेजा जी, एकलिंगजी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के विकास के लिए डीपीआर बनाई जाएगी। अनुपगढ, ब्यावर, बालोतरा,डीग,डीडवाना,दूदू,गंगापुर सीटी,जयपुर उत्तर, जयपुर दक्षिण, जोधपुर पूर्व,जोधपुर पश्चिम, केकड़ी, कोटपुतली, बहरोड़, खैरथल, फलोदी, सलुंबर, सांचोर, शाहपुरा और नीम का थाना। जबकि बासंवाड़ा, पाली और सीकर को संभाग बनाया गया है।
ये बनेंगे तीन नए संभाग
बांसवाड़ा
पाली
सीकर
ये होंगे राज्य के नए जिले
जयपुर उत्तर, जयपुर दक्षिण, दूदू, कोटपुतली, जोधपुर पूर्व, जोधपुर पश्चिम, फलोदी, अनूपगढ़, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना, गंगापुर सिटी, खेतड़ी, नीमकाथाना, फलौदी, सलम्बूर, सांचोर, शाहपुरा।
गहलोत बोले- काफी दिन से हो रही थी नए जिलों की मांग
अशोक गहलोत ने कहा कि हमें राज्य में कुछ नए जिलों के गठन की मांग मिली थी। इन प्रस्तावों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई थी, और हमें अंतिम रिपोर्ट मिल गई है। मैं अब राज्य में नए जिलों के गठन की घोषणा करता हूं।
गललोत बोले- ओपीएस लागू करके ही रहेंगे
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ओल्ड पेंशन स्कीम देशभर में लागू करने की मांग की है। सीएम गहलोत ने विधानसभा में बजट बहस पर जवाब देते हुए कहा कि ओपीएस पर चुनाव से पहले पीएम मोदी को भी फैसला करना होगा। आप संभल जाइए, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र में कई राज्यों में मांग उठ रही हैं। जब 65 साल में कांग्रेस ने ओपीएस लागू करके आगे बढ़ाया। पंडित नेहरू के पास दूरदृष्टि थी, उन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी। जिसका लाभ आज देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 30 मार्च से 25 लाख रुपए वाली नई चिरंजीवी योजना लागू होगी।
कर्मचारियों को शेयर मार्केट के भरोसे नहीं छोड़ सकते
सीएम गहलोत ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम लागू थी तब ही देश ने प्रगति की थी। हमारे देश में सुई से लेकर कहां तक हम पहुंच गए है। पुरानी पेंशन से देश का विकास हुआ है। हम कर्मचारियों को शेयर मार्केट के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि जब विधायक एनपीएस की तरह अपने पैसे कटवा सकते है तो दूसरों को शेयर मार्केंट के आधार पर कैसे छोड़ सकते हैं। सीएम गहलोत ने आरोप लगाया कि हमारे द्वारा शुरू की गई यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई थी। अब भविष्य में आपकों मौका नहीं देंगे।
समाज में छूआछूत कलंक
सीएम ने कहा कि कोरोना में हमारा राजस्व ज्यादा हुआ। सिलेंडर की बात हो, चिरंजीवी योजना की बात हो, ओपीएस की बात हो, हमनें कई ऐसी योजनाएं लाॅन्च की है। ओपीएस को समझने के लिए दूसरे राज्य की टीम यहां पर आ रही है। गहलोत ने कहा कि समाज में छूआछूत मानवता के लिए कंलक है। हमने सामाजिक सुरक्षा को मुद्दा बनाया है। एआईआर हमने अनिवार्य कर दिया है। गरीब आदमी की सुनवाई हो रही है। जांच में पहले ज्यादा समय लगता था। सीएम ने कहा कि केंद्र ने राज्यों का हिस्सा कम किया है। गहलोत ने फिर कहा कि ओपीएस रुकने वाली नहीं है। चाहे बीजेपी कितनी ही अड़चनें पैदा करें।
महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा गोविंद देव मंदिर
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर को उज्जैन महाकाल के मंदिर परिसर की तरह कॉरिडोर बनाकर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा तीर्थराज पुष्कर विकास प्राधिकरण के गठन की भी सीएम अशोक गहलोत ने घोषणा की है।
सिंचाई के लिए 37 करोड़ रुपए मंजूर
इस बीच, सीएम गहलोत ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने और नहरों और बांधों में पानी की बर्बादी को रोकने की परियोजनाओं के लिए 37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। परियोजनाओं के तहत बांसवाड़ा जिले के कागड़ी बांध का 10 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अलावा 11.73 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गजाधरपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जयपुर की कालवाड़ तहसील में कलाख बांध तक नहर की लाइनिंग के लिए किया जाएगा।
सवाईमाधेपुर में नहर को किया जाएगा पक्का
सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के मोरा सागर बांध से नहर को 15.03 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पक्का किया जाएगा।परियोजनाओं से सिंचाई क्षमता में सुधार होगा और पानी की बर्बादी कम होगी। गहलोत ने 2022-23 के बजट में बांधों और नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की थी। इनमें से 611.95 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं।
पेयजल पर 362.13 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
गहलोत ने विधानसभा को बताया कि राजस्थान सरकार उदयपुर जिले के 367 गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 362.13 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोम-कमला-अंबा बांध से इन गांवों को पेयजल आपूर्ति करने वाली परियोजना के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें