गहलोत बोले- PM को ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करनी होगी:कहा- हम वोट नहीं युवाओं का भविष्य देखते हैं, बजट घोषणा जल्द पूरी होगी
विधानसभा में बजट बहस पर जवाब देते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि ओपीएस पर चुनाव से पहले पीएम मोदी को भी फैसला करना होगा। आप संभल जाइए, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र में कई राज्यों में मांग उठ रही हैं। जब 65 साल में कांग्रेस ने ओपीएस लागू करके आगे बढ़ाया। पंडित नेहरू के पास दूरदृष्टि थी, उन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी। उन्होंने कहा कि 30 मार्च से 25 लाख रुपए वाली नई चिरंजीवी योजना लागू हाेगी।
ओपीएस से ही अब तक देश चला है
गहलोत ने कहा- हम कर्मचारियों को बाजार के भरोसे कर्मचारियों को कैसे छोड़ सकते हैं। कैग और ज्यूडिशियरी ने एनपीएस लागू करने से मना कर दिया। ओपीएस को लेकर हमारे खिलाफ आर्टिकल आ रहे हैं, अब तक ओपीएस से ही देश चला है, अब क्या दिक्कत है।
कर्ज को लेकर गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों को कोविड में स्पेशल छूट दी थी, उसके आधार पर अतिरिक्त कर्ज लिया। विपक्ष कर्ज को लेकर गुमराह कर रहा है। हमारा वित्तीय प्रबंधन शानदार रहा है। राज्य सरकारें निवेश करती है, वह 95 फीसदी पैसा आरबीआई से वापस ले सकती है। हमने इसीलिए आरबीआई से कर्ज लिया। बाजार से लेते तो ज्यादा ब्याज देना पड़ता। आरबीआई ने इसे बुद्धिमत्ता वाला कदम माना है। गहलोत ने कहा कि जब बुद्धिमत्ता से काम लेंगे तभी बढ़िया बजट पेश कर सकेंगे।
बीजेपी राज में 50 फीसदी कर्ज बढ़ा
गहलोत ने कहा- बीजेपी सरकारों ने जीएसडीपी का 36 फीसदी तक कर्ज लिया था। हमने कर्ज कम किया था। हमने हमारे कार्यकाल में जो कर्ज लिया था, वह बीजेपी से कम था। हमारा कर्ज बीजेपी राज की तुलना में 10 फीसदी है। बीजेपी के वक्त 50 फीसदी कर्ज बढ़ा था।
हम वोट नहीं युवाओं का भविष्य देखते हैं
गहलोत ने कहा- स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान ने जिस तरह ग्रो किया है, उसका हमें गर्व होना चाहिए। सबसे ज्यादा यूनिवर्सिटी राजस्थान में हैं। बीजेपी राज में अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी और हरिदेव जोशी पत्रकारिता यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया। देश के इतिहास में पहली बार हुआ जब किसी यूनिवर्सिटी को खोलकर बंद किया। राजस्थान में आज आईआईटी, आईआईएम जैसी प्रीमियम संस्था आ गईं। लोग कहते हैं कि इनसे वोट नहीं मिलते हैं, हम केवल वोट ही नहीं देखते हम युवाओं का भविष्य भी देखते हैं।
बजट पर हम फास्ट चल रहे, मैंने सचिवों को फास्ट काम करने को कहा
गहलोत ने कहा- हम बजट पर बहुत फास्ट चल रहे हैं। ज्यादातर स्वीकृतियां जारी कर दी। मैंने विभाग के सचिवों को बुलाकर एबीसी तीन कैटेगरी बना दी। हमने हमारे घोषणा पत्र के 80 फीसदी वादे पूरे कर दिए। कोविड के बावजूद हमारा रेवेन्यू बढ़ा है, हमने कोविड में भी रेवेन्यू कम नहीं होने दिया।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
इससे पहले उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार का यह बजट जमीन पर उतरने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस विधानसभा में एक नया रिकॉर्ड बना दिया , सबसे कम आने वाले सीएम के तौर पर। अगर संवैधानिक बाध्यता नहीं होती बजट पेश करने और जवाब देने की तो मुख्यमंत्री शायद ही सदन में आते। जिस तरह श्रीनाथजी के राजभोग के दर्शन होते हैं, उसी तरह राजभोग के दर्शन मुख्यमंत्री के हुए हैं।
राजवी बोले- केंद्र पर बेवजह आरोप गलत
बीजेपी विधायक नरपत सिंह राजवी ने कहा कि राज्य सरकार का वित्तीय मैनेजमेंट ठीक नहीं है। आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए। बार-बार केंद्र सरकार पर आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा। केंद्र सरकार ने पूरी मदद की है। कोविड के समय पूरी वैक्सीनेशन का पैसा दिया। आप वैक्सीन के लिए ग्लाेबल टेंडर करने चले थे, लेकिन क्या हुआ? केंद्र सरकार पर दोषारौपण से पहले खुद की हालत देखनी चाहिए।
लाहोटी बोले- बच्चों को जानवरों का खाना
सांगानेर (जयपुर) से विधायक लाहोटी ने कहा कि सरकार ने ओरेकेल पर ऑनलाइन फाइलिंग और पूरे सॉफ्टवेयर को शिफ्ट करने पर 500 करोड़ में निजी कंपनी को काम दिया जबकि यही काम सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम एनआईसी केवल 65 करोड़ में करने को तैयार थी। मिड डे मील और पोषाहार का काम बिना टेंडर दिया गया। जानवरों वाला खाना बच्चों को दिया जा रहा है।
संयम लोढ़ा बोले- केंद्र पैसा देकर अहसान नहीं कर रहा
मुख्यमंत्री सलाहकार विधायक संयम लोढा ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री वॉयस सैंपल दीजिए। राजस्थान सरकार को गिराने की कोशिश की या नहीं, यह सब जानते हैं। बीजेपी के मित्रों को मालूम है कि आवाज किसकी थी।

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