स्कूल का दर्जा बढ़ा, स्टाफ-संसाधन नहीं
भालता. कस्बे के राज बालिका उच्च माध्य विद्यालय में 227 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकार ने विद्यालय को इस सत्र में बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय से क्रमोन्नत कर उच्च माध्यमिक का दर्जा तो दे दिया, लेकिन यहां न स्टाफ लगाया और न ही संसाधन बढ़ाए। क्रमोन्नति के पश्चात विद्यालय प्रारंभिक से माध्यमिक शिक्षा विभाग में तब्दील हो गया। विद्यालय प्रशासन ने भी इस सत्र में कक्षा 9 में केवल एक बालिका को प्रवेश देकर इतिश्री कर दी। अभी यहां प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों द्वारा काम चलाऊ व्यवस्था जारी है।
जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की है। प्रधानाचार्य व्याख्याताओं वरिष्ठ व थर्ड ग्रेड अध्यापकों के सभी पद खाली हैं। यहां स्टाफ के अभाव में क्रमोन्नति महज औपचारिक साबित हो गई है। इन हालातों में विद्यालय की छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
कमरों का अभाव
स्कूल 5 कमरों में संचालित हो रहा है। विद्यालय में जगह का अभाव है। विभाग की उदासीनता के चलते नवीन कक्षा कक्ष निर्माण के अभाव में कुछ बालिकाओं को खुले बरामदे में बैठाया जाता है। विभाग द्वारा कक्षा कक्ष निर्माण का आज भी इन्तजार है।

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