अशोक गहलोत ने पीएम से की मांग, ओल्ड पेंशन स्कीम पर करें विचार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में ओल्ड पेंशन स्कीम के पक्ष में जमकर बल्लेबाजी की। साथ ही भाजपा की केंद्र सरकार को भी घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे ओल्ड पेंशन स्कीम पर विचार करें। 60 साल से अधिक उम्र वालों को सुरक्षा देने का काम करें। उन्होंने दलील दी कि जब 70 साल में ओल्ड पेंशन स्कीम के साथ विकास हुआ है तो आज क्यों नहीं हो सकता?
विधानसभा में बजट चर्चा का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि पूरे देश में हमारे बजट की चर्चा हुई है। हमने बजट में जनता को अपने दिल में रखा है। मेरा यह सवाल है कि ओल्ड पेंशन स्कीम पर विवाद क्या है? प्रधानमंत्री इस पर विचार करें। प्रधानमंत्री जी देश को विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं, लेकिन एक बात जरूर सुनें। सामाजिक सुरक्षा और समानता का काम कर दीजिए, भारत के विश्वगुरु बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमने पशु से लेकर इंसान सभी पर ध्यान दिया है। पशु को बीमा, पशु की देखरेख के लिए अनुदान और इंसान के लिए चिरंजीवी योजना दी है। इसके तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। यह स्कीम 30 मार्च से लागू हो जाएगी।
1018 योजनाएं घोषित की हैं
गहलोत ने दावा किया कि हमने इस बजट में 1018 योजनाएं घोषित की हैं। जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जयपुर में कहा था कि हम पैसे नहीं देंगे, लेकिन हम ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करके ही रहेंगे। फिर चाहे जो भी हो। प्रधानमंत्री, सभी सांसद और विधायकों की तनख्वाह का एक हिस्सा काटकर शेयर बाजार में डालें। वहां से पेंशन दे सभी जनप्रतिनिधियों को। यह संभव नहीं तो फिर कर्मचारियों के साथ यह व्यवहार क्यों हो रहा है? देश पहले भी चल रहा था, आगे भी चलेगा। प्रधानमंत्री आगे आए और ओल्ड पेंशन स्कीम पूरे देश में लागू करें।

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