शिक्षा का ढांचा चरमराया: देवनानी
जयपुर भाजपा विधायक पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने अंग्रेजी स्कूलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महात्मा गांधी का कभी भी अंग्रेजी से संबंध नहीं रहा। वे स्वभाषा के समर्थक रहे लेकिन सरकार ने हिन्दी माध्यम स्कूलों को बंद कर उनके नाम पर अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय खोले। सरकार ने बिना योजना के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की रेवड़ियां बांट दी जिसके परिणाम ढाक के तीन पात ही रहे। 3400 स्कूल खोलने की बजट घोषणा पूरी हुई नहीं कि इस बजट में 1000 और नए विद्यालय खोलने का राग अलाप दिया गया। इन स्कूलों में 10 हजार शिक्षक पद रिक्त है।देवनानी ने कहा कि विदेशों में हिंदी माध्यम में रामायण, गीता व महाभारत पढ़ाई जा रही है जबकि प्रदेश में प्रार्थनासभा में योगाभ्यास तक बंद कर दिए। प्रदेश में बीते चार साल में उच्च शिक्षा का ढांचा चरमरा रहा है।

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