
खुली शिक्षा की राह अब गांवों में ही 12वीं तक की पढ़ाई, अब नहीं होगा पलायन, ग्रामीण इलाकों से बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर
पाली . प्रदेश के कई गांवों में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय थे तो कई राजकीय विद्यालयों में माध्यमिक स्तर तक पढ़ने की ही सुविधा थी। इससे कई गांवों के विद्यार्थियों को उनके परिजन उच्च प्राथमिक या माध्यमिक शिक्षा के बाद दूसरे गांवों या कस्बों में पढ़ने नहीं भेजते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। प्रदेश में सत्र 2022-23 व 2023-24 में 4991 विद्यालयों को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया है। जो पिछले तीन सत्र 2019-20, 2020-21 व 2021-22 से 4382 अधिक है। खास बात यह है कि सत्र 2022-23 व 2023-24 में किसी उच्च प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक में क्रमोन्नत नहीं किया गया है। सभी उच्च प्राथमिक विद्यालय उच्च माध्यमिक में बदल गए है। इन विद्यालयों को हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक उच्च माध्यमिक स्तर का विद्यालय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्रमोन्नत किया गया है।
पाली जिले में 160 स्कूल क्रमोन्नत
सत्र 2022-23 में पाली जिले में 160 स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया। इसके बाद करीब 9 स्कूलों को उच्च माध्यमिक में बदला गया। जिले में सबसे अधिक 25 स्कूल जैतारण ब्लॉक में बदले गए। इसके साथ ही रायपुर ब्लॉक में 19, सुमेरपुर में 14, रानी में 12, सोजत में 19, रोहट में 13, पाली में 13, बाली में 20, देसूरी में 12 व मारवाड़ जंक्शन ब्लॉक में 13 माध्यमिक स्कूलों को उच्च माध्यमिक में बदला गया।
उच्च प्राथमिक से उच्च माध्यमिक में पहली बार
गांवों में बेहतर शिक्षा के लिए सत्र 2019-20, 2020-21 व 2021-22 में एक भी उच्च प्राथमिक विद्यालय को सीधे उच्च माध्यमिक में नहीं बदला गया था। सत्र 2022-23 में 1152 तथा 2023-24 में 5 स्कूलों को सीधे उच्च माध्यमिक बनाया गया है।
इनका कहना है
पाली जिले में कई विद्यालयों को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया है। जिले में अभी 555 उच्च माध्यमिक विद्यालय हो गए है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिलेगी।-राहुल राजपुरोहित, जिला शिक्षा अधकारी, माध्यमिक मुख्यालय, पाली
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