
स्पेशल स्कूलों को जल्द मिल सकते हैं व्याख्याता, तीन सत्र की बकाया है डीपीसी नियमों की समीक्षा में अटका पेच
श्रीगंगानगर. प्रदेश का शिक्षा विभाग एक तरफ जहां प्राचार्य, उपप्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी आदि पदों पर बंपर पदोन्नतियां देकर अधिकारियों और विद्यार्थियों को लाभान्वित करने में लगा है। वहीं, दूसरी तरफ शिक्षा विभाग कार्मिकों का एक बड़ा संवर्ग द्वितीय श्रेणी शिक्षक नियमों के पेच के चलते व्याख्याता पद पदोन्नति से वंचित है। इसके साथ ही विशेष विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे राज्य के हजारों दिव्यांग विद्यार्थी और शिक्षक भी व्याख्याता (विशेष शिक्षा) का पद सृजित होने का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में तीन साल से वरिष्ठ अध्यापकों की पदोन्नति नहीं हुई।
ऐसे में उप प्राचार्य पद पर पदोन्नति से व्याख्याताओं के 10 हजार पद रिक्त होंगे, जबकि 16 हजार पद पहले से ही खाली हैं। इसके अलावा क्रमोन्नत पांच हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रति विद्यालय तीन व्याख्याता पद के हिसाब से 15 हजार व्याख्याताओं के पद स्वीकृत होने हैं। इसके चलते व्याख्याताओं के 40 हजार से अधिक पद विद्यालयों में रिक्त हो जाएंगे। दरअसल यूजी-पीजी में समान विषयों को लेकर नियमों की समीक्षा के चलते पदोन्नति का पेच अटका हुआ है
उच्च शिक्षा की खुलेगी राह
जयपुर में बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय और जोधपुर में गांधी दिव्यांग विश्वविद्यालय शुरू किया गया है। इसके साथ ही जयपुर में पोद्दार स्कूल के अलावा एक मूक बधिर महाविद्यालय भी खोला गया है। इससे उच्च माध्यमिक कक्षाओं में ड्रॉपआउट घटने से मूकबधिर, दिव्यांग विद्यार्थी उच्च शिक्षा से भी लाभान्वित हो सकें
व्याख्याता पदों की वर्तमान स्थिति
स्वीकृत 54277
कार्यरत 38183
रिक्त 16094
वीपी से रिक्त हुए 10096
क्रमोन्नत विद्यालयों में स्वीकृत होने हैं 15000
तीन सत्रों की बकाया डीपीसी होने से वरिष्ठ अध्यापक बनेंगे व्याख्याता 15000
शिक्षा मंत्री से मिला प्रतिनिधि मंडल
दिव्यांग विद्यार्थियों के शिक्षण अधिगम के लिए विभाग में व्याख्याता (विशेष शिक्षा) के पद सर्जन और पदोन्नति की मांग को लेकर संगठन का प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिला है। पद सृजन की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा मंत्री ने जल्द ही पद सृजित करने की बात कही है।-नरेश शर्मा, जिलाध्यक्ष, राजस्थान विशेष शिक्षक संघ, श्रीगंगानगर।
बकाया पदोन्नति की जाए
क्रमोन्नत पांच हजार विद्यालयों में व्याख्याताओं के पदों की वितीय स्वीकृति जारी की जानी चाहिए। तीन सत्र से बकाया चल रही वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति होनी चाहिए। स्टाफिंग पैटर्न की भी समीक्षा कर अनिवार्य विषयों के व्याख्याताओं के पद सृजित किए जाने चाहिए।-बसंत कुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा।
यूं हुए उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नत
सत्र विद्यालय क्रमोन्नत
2013-14 1086
2014- 15 5000
2017-18 300
2018-19 1100
2019-20 287
2020-21 82
2021-22 240
2022-23 3834
2022-23 1152 (उप्रा.से उमा.)
कुल विद्यालय क्रमोन्नत- 13080
प्रदेश में कुल उच्च माध्यमिक विद्यालय 17478
पदोन्नत होंगे 15 हजार वरिष्ठ अध्यापक
माध्यमिक शिक्षा विभाग में पिछले तीन सत्र से विभागीय पदोन्नति नहीं हुई है। अब 15 हजार वरिष्ठ अध्यापक व्याख्याता पदों पर पदोन्नत होने पर आगामी शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
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