इंतहा हो गई इंतजार की ,15 हजार वरिष्ठ अध्यापकों को पिछले तीन साल से पदोन्नति का इंतजार
- विद्यालय क्रमोन्नत, लेकिन न पदोन्नति हुई न पद स्वीकृत
- वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति
- प्रति वर्ष होने वाली डीपीसी पिछले तीन वर्षों से बकाया
- व्याख्याताओं के रिक्त पदों का बढ़ा ग्राफ, आगामी सत्र से व्याख्याताओं की कमी से पढ़ाई होगी प्रभावित
चितौड़गढ़. प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल का पांचवा वर्ष चल रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग में विभिन्न संवर्गों के तहत प्रतिवर्ष 50 फीसदी पद विभागीय पदोन्नति से भरा जाने का प्रावधान है । ऐसे में प्रतिवर्ष डीपीसी की प्रक्रिया संपन्न की जानी थी ।माध्यमिक शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता वर्ग की डीपीसी पिछले तीन सत्र से बकाया चल रही है । जिसका खामियाजा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है । वहीं दूसरी ओर पदोन्नति का इंतजार कर रहे 15000 वरिष्ठ अध्यापकों का इंतजार है।
विद्यालय क्रमोन्नत, लेकिन व्याख्याताओं के पद नहीं हुए स्वीकृत
माध्यमिक शिक्षा विभाग में पिछले सत्र बंपर मात्रा में विद्यालय क्रमोन्नत किए गए । लेकिन इन क्रमोन्नत विद्यालयों में 1 वर्ष बाद भी अभी तक व्याख्याताओं के पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं । पिछले सत्र मार्च 2022 में 3828 माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया तथा 1000 से अधिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों को सीधे ही उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया । इन सभी क्रमोन्नत विद्यालयों में 1 वर्ष बाद भी व्याख्याताओं के पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं।
नामांकन तो बढ़ा लेकिन नहीं हुई स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा
माध्यमिक शिक्षा विभाग में विद्यालयों में शिक्षकों के पदों का निर्धारण नामांकन अनुसार करने के लिए स्टाफिंग पैटर्न की व्यवस्था की गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में अप्रैल 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था । जिसमें 2015 के नामांकन अनुसार विद्यालयों में पदों का आवंटन किया गया था ।
2013 के बाद क्रमोन्नत विद्यालयों में नहीं है अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद
स्टाफिंग पैटर्न की बिंदु 6.2 के अनुसार उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नति के समय केवल 3 वैकल्पिक विषयों के व्याख्याता पद सृजित किए जाएंगे। तथा ₹मोन्नति के 2 वर्ष बाद तीसरे वर्ष अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद सृजित किए जाने का प्रावधान है। लेकिन 2013 के बाद ₹मोन्नत 10 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालय में अनिवार्य विषयों हिंदी व अंग्रेजी के व्याख्याता पदों का सृजन नहीं किया गया है ।
पहले प्रत्येक उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत के समय 5 व्याख्याता पदों का सृजन किया जाता था । लेकिन 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू करने के बाद केवल 3 व्याख्याता पदों का सृजन किया जा रहा है । तीसरे वर्ष अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद सृजन का प्रावधान रखा गया है । लेकिन स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं हो पाने के कारण 10 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनिवार्य विषयों हिंदी व अंग्रेजी के व्याख्याता पदों का सृजन नहीं हो पाया है।
डीपीसी हो तो 15 हजार वरिष्ठ अध्यापक होंगे पदोन्नत
माध्यमिक शिक्षा विभाग में पिछले तीन सत्र से बकाया चल रही विभागीय पदोन्नति होती है तो लगभग 15000 वरिष्ठ अध्यापक व्याख्याता पदों पर पदोन्नत हो सकते हैं जिसका फायदा आगामी सत्र में विद्यार्थियों को मिलेगा
क्रमोन्नत 5000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 15000 व्याख्याता पदों की स्वीकृति का इंतजार
माध्यमिक शिक्षा विभाग में क्रमोन्नत किए गए उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याता पदों की स्वीकृति का इंतजार बढ़ता जा रहा है । विद्यालय क्रमोन्नति के बाद प्रत्येक उच्च माध्यमिक विद्यालय में 3 व्याख्याता पदों के हिसाब से कुल 5000 क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 15000 व्याख्याता के पदों की स्वीकृति होनी है। लेकिन विभाग द्वारा अभी तक इन विद्यालयों में व्याख्याता के पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की है । कुछ विद्यालयों में स्थानांतरण द्वारा व्याख्याता भी लग गए हैं । लेकिन व्याख्याता पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं होने के कारण इन विद्यालयों में कार्यरत व्याख्याताओं का वेतन अन्य विद्यालयों में रिक्त चल रहे व्याख्याता पदों से वेतन आहरण किया जा रहा है ।
2013 के बाद सत्र वार क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों की संख्या जिनमें नहीं है अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद
सत्र विद्यालय क्रमोन्नत
2013-14 1086
2014-15 5000
2017-18 300
2018-19 1100
2019-20 287
2020-21 82
2021-22 240
2022-23 3834
2022-23 1152 उप्रा से उमा
कुल विद्यालय क्रमोन्नत 13080
प्रदेश में वर्तमान में कुल उच्च माध्यमिक विद्यालय 17478
व्याख्याता पदों की वर्तमान स्थिति
स्वीकृत 54277
कार्यरत 38183
रिक्त 16094
वीपी से रिक्त हुए 10096
क्रमोन्नत विद्यालयों में स्वीकृत होने 15000
तीन सत्रों की बकाया डीपीसी होने से वरिष्ठ अध्यापक बनेंगे व्याख्याता 15000
वॉइस प्रिंसिपल पदोन्नति से रिक्त हुए 10 हजार पद
माध्यमिक शिक्षा में 2 माह पूर्व वॉइस प्रिंसिपल की डीपीसी प्रक्रिया संपन्न की गई । जिसमें 10 हजार व्याख्याताओं की पदोन्नति वॉइस प्रिंसिपल के पद पर की गई । जिनको अगले महीने काउंसलिंग द्वारा पदस्थापन दिया जाएगा । जिसके कारण व्याख्याताओं के 10 हजार पद रिक्त हो जाएंगे । पहले से रिक्त चल रहे 16 हजार व्याख्याता पदों के साथ 10 हजार रिक्त पद बढ़ जाएंगे । इसके अलावा ₹मोन्नत 5 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रति विद्यालय तीन व्याख्याता पद के हिसाब से 15 हजार व्याख्याताओं के पद स्वीकृत होने हैं । इसके बाद व्याख्याताओं के कुल रिक्त पदों का आंकड़ा 40 हजार से अधिक हो जाएगा।
प्रति 2 वर्ष बाद स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा का प्रावधान
स्टाफिंग पैटर्न के बिंदु 5.4 के अनुसार प्रति 2 वर्ष बाद विद्यालयों के नामांकन की समीक्षा करने का प्रावधान रखा गया था। जिसके तहत विद्यालयों के नामांकन में कमी या वृद्धि होने पर नामांकन अनुसार पदों का पुन: निर्धारण करने का नियम बना हुआ है। लेकिन 2015 के बाद 8 वर्षों में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं हो पाई है । जिसके कारण पुराने नामांकन अनुसार विद्यालयों में शिक्षकों के पदों का निर्धारण चल रहा है । इस अवधि में विद्यालयों के नामांकन में काफी वृद्धि हुई है । लेकिन स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं हो पाने के कारण पुराने नामांकन अनुसार पदों का प्रचलन है।
क्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद सृजन करके बकाया पदोन्नति की जाए
क्रमोन्नत 5 हजार विद्यालयों में व्याख्याताओं के पदों की वितीय स्वीकृति जारी की जाए। पिछले तीन सत्रों से बकाया चल रही वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति की जाए। तीन सत्रों की पदोन्नति की जाए तो लगभग 15 हजार वरिष्ठ अध्यापकों की पदोन्नति व्याख्याता पद पर हो सकती है। ताकि नये सत्र में विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों को फायदा मिल सके। स्टाफिं ग पैटर्न की भी समीक्षा की जाये तो अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद सृजित हो सके-बसन्त कुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा

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