उच्च शिक्षा राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव का दावा:कॉलेज लेक्चरर के 1952 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव RPSC को भेजा, 500 पद सोसायटी के जरिए भरेंगे
देश में संचालित 490 सरकारी कॉलेजों में आचार्य, लेक्चरार, शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक सहित कई पद रिक्त है। कॉलेजों में लेक्चरर नहीं होने से विद्यार्थियों को अपने स्तर पर ही पढ़ाई कर परीक्षा में शामिल होना पड़ा। राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर नए कॉलेज खोलने की घोषणा की, लेकिन इनमें संसाधन नहीं हैं। यह दो से चार कमरों में ही चल रहे हैं।
हालांकि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने दावा किया है कि प्रदेश में जल्द ही लेक्चरर की भर्ती की जाएगी। इसके लिए आरपीएससी को 1952 पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव भेज रखा है। जुलाई महीने में भर्ती की सकेगी। इसके अलावा कॉलेज सोसायटी के माध्यम से भी अगस्त महीने तक 500 व्याख्याताओं की भर्ती की जाएगी। दैनिक भास्कर ने उच्च शिक्षा की खामियों व विभाग की तैयारियों पर उनसे बातचीत की तो कहा केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े प्रदेश सरकार के 650 करोड़ रुपए अटका रखे हैं।
सीधी बात - राजेन्द्र सिंह यादव उच्च शिक्षा राज्यमंत्री
Q : नए कॉलेज खोले जा रहे हैं, जबकि पहले से संचालित कॉलेजों में लेक्चरर के पद रिक्त है।
A : सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर की कमी नहीं रहेगी। 1982 पद स्वीकृत कर आरपीएससी को भर्ती करने के निर्देश दे दिए है। जुलाई महीने तक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा अगस्त महीने तक कॉलेज सोसायटी के माध्यम से 500 लेक्चरर की भर्ती की जाएगी।
Q : प्रदेश में पहले से स्वीकृत कॉलेज स्कूल के दो से चार कमरों में चल रहे है।
A : प्रदेश में स्वीकृत सरकारी कॉलेज के भवन के लिए अगले दस साल का प्लान तैयार है। भजनों के लिए प्रदेश स्तर पर एक यूनिफार्म डिजाइन तैयार किया है। सभी कॉलेज भवनों के निर्माण एक नक्शा-एक भवन की तर्ज पर किया जाएगा। बजट घोषणा से पहले की कॉलेजों के लिए जमीन आवंटन कर 4.5 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। प्रदेश में नए भवनों के लिए अब तक 950 करोड़ रुपए जारी कर दिए है।
Q कॉलेजों में पर्याप्त खेल सुविधाओं का भी अभाव है, इसमें सुधार कब होगा?
A : नए भवन निर्माण के दौरान ही खेल ग्राउंड का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कॉलेजों में खेल सुविधाओं को लेकर कुछ दिन पहले ही सीएम से चर्चा की थी, अब फैसला लिया गया है कि प्रदेश के प्रत्येक सरकारी महाविद्यालय में ओपन जिम लगाए जाएंगे।
Q : गर्ल्स कॉलेज में एक ही संकाय संचालित है, प्रायोगिक विषय नहीं होने से सीटें रिक्त रह जाती हैं।
A : कॉलेज शुरू होती है तो प्राथमिक स्तर पर बेसिक संकाय खोलकर ही शुरूआत की जाती है। जिन जगह छात्राओं के लिए विज्ञान, वाणिज्य या कृषि संकाय की जरूरत होती है वहां मंजूरी दी जाती है। सरकार ने नवाचार करते हुए 12वीं कक्षा तक के विद्यालयों में नामांकन 500 से अधिक है। वहां कन्या कॉलेज खोल गए है।
Q : चिड़ावा में कृषि कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अधूरी है।
A : चिड़ावा में कृषि कॉलेज स्वीकृत है, लेकिन कॉलेज के लिए 40 हैक्टेयर कृषि भूमि का होना जरूरी है। काफी जगहों पर भूमि उपलब्ध नहीं हो पाती। इस कारण मामला अटका हुआ है। जल्द ही समाधान निकालकर कॉलेज शुरु किया जाएगा।
जानिए प्रदेश में कॉलेजों में कितने पद पड़े हैं रिक्त
- प्रदेश में अभी 490 सरकारी कॉलेज संचालित है। नए सत्र से 71 और शुरू हो जाएंगे।
- प्रदेश में प्राचार्य के 292 में से 256 पद रिक्त है।
- प्रदेश में सहायक आचार्य व सह आचार्य के 6923 में से 2374 पद रिक्त है।
- प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों के स्वीकृत 272 में से 250 पद रिक्त है।
- पुस्तकालयाध्यक्ष के प्रदेश में स्वीकृत 274 में से 248 पद रिक्त है।
- कनिष्ठ व्याख्याता के प्रदेश में स्वीकृत 3 में से 2 पद रिक्त है।
- प्रदेश में बीएड व्याख्याताओं के 37 में से 20 पद रिक्त है।
- सरकारी कॉलेजों में वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक के 57 में से 33 पद रिक्त है।
- प्रयोगशाला सहायक के 791 में से 457 पर रिक्त चल रहे है।
- प्रदेश के स्वीकृत 539 प्रयोगशाला परिचारक में से 467 पद रिक्त है।
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