BASIC SHIKSHA VIBHAG : परिषदीय स्कूलों के रसोइयों को अब ड्रेस में करनी होगी ड्यूटी
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात रसोइये अब अलग से पहचाने जा सकेंगे। सरकार ने इन्हें अब उनके ड्रेस में ही आने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब रसोइयों को नए सत्र से ड्रेस कोड का पालन करना होगा। नई व्यवस्था में महिला रसोईया विशेष रंग की साड़ी में एवं पुरुष विशेष रंग की पैंट व शर्ट पहन कर ही विद्यालय में ड्यूटी करेंगे। रसोइयों को वर्दी देने के लिए सरकार ने करीब 18.62 करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए मिड-डे-मील बनाया जाता है। इसमें साफ-सफाई पर काफी फोकस किया जा रहा है लिहाजा स्कूलों में पढ़ने आने वाले बच्चों के लिए ही केवल अब ड्रेस कोड नहीं होगा बल्कि उनके लिए मध्यान्ह भोजन पकाने वाले रसोइये भी ड्रेस में ड्यूटी करते दिखेंगे। इससे रसोइयों को अलग से पहचाना जा सकेगा। नए सत्र सरकार ने रसोइयों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश के तहत अब महिला रसोइया विशेष रंग एवं डिजाइन की साड़ी और पुरुष विशेष रंग या डिजाइन के पैंट-शर्ट पहन कर विद्यालय आएंगे। इसके लिए जारी 18 करोड़ 62 लाख के बजट से प्रत्येक रसोइये को 500-500 रुपये ड्रेस के लिए दिए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार फिलहाल ड्रेस के रंग या डिजाइन को लेकर अब तक निर्णय नहीं हो सका है। अलबत्ता इस बारे में शासन से दिशा निर्देश प्राप्त करने के लिए अर्धशासकीय पत्र भेजा गया है। शासन से ड्रेस के रंग अथवा डिजाइन के बारे में मार्गदर्शन मिलते ही इस बारे में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में इस समय करीब तीन लाख, 90 हजार स्त्री- पुरुष रसोइए तैनात हैं जो बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार करते हैं।
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