पेपर लीक पर सख्ती तो अब फर्जी डिग्रियों से भर्ती में सेंधमारी शुरू
जयपुर. राज्य में पेपर लीक पर सख्त कानून बना तो माफिया ने भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी के लिए दूसरा तरीका शुरू कर दिया है। परीक्षाओं में अब फर्जी डिग्री लगाकर शामिल होने का खेल चल रहा है। अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्रियां बनवाई जा रही हैं। प्रक्रियाधीन भर्तियों में फर्जी डिग्री के मामले सामने आए हैं। इससे चयन बोर्ड की पीटीआई, फायरमैन, पशुधन सहायक, वीडीओ भर्ती सवालों के घेरे में आ गई है।
पीटीआई भर्ती
पीटीआई भर्ती में 200 से अधिक अभ्यर्थी बीपीएड की फर्जी डिग्री लेकर शामिल हो गए। अभ्यर्थियों के पास स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट भी नहीं है। पेपर लीक के मास्टर माइंड भूपेन्द्र सारण के पास भी बीपीएड की फर्जी डिग्रियां मिली थी।
फायरमैन
फायरमैन भर्ती में अभ्यर्थी बैकडेट का डिप्लोमा लगाकर शामिल हो गए। राजस्थान पत्रिका की ओर से इसका एक्सपोज भी किया गया।
पशुधन सहायक
भर्ती में 40 अभ्यर्थियों ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगा दिया। इन अभ्यर्थियों का पुन: मेडिकल कराने के लिए बोर्ड ने विभाग को लिखा था। इन अभ्यर्थियों का फिर से मेडिकल होने पर खुलासा हुआ। बोर्ड ने इनका चयन निरस्त कर दिया।
वीडीओ भर्ती: जांच में पकड़े अभ्यर्थी
वीडीओ भर्ती में अभ्यर्थियों ने मूल आवेदन के साथ फर्जी प्रमाण पत्र लगाए। राज्य स्तर पर की गई जांच में इन दस्तावेज को पास कर दिया। लेकिन जिला स्तर पर की गई जांच में दस्तावेज संदिग्ध मिले। जोधपुर में ऐसे 15 अभ्यर्थियों के चयन पर रोक लगाई गई है।
समाधान : सख्त कानून बने
पेपर लीक को रोकने के लिए राज्य में सख्त कानून बना है। इसका डर माफिया में है। लेकिन भर्ती परीक्षाओं में फर्जी डिग्री के मामले बढ़े हैं। सख्त कानून की जरूरत है। जो अभ्यर्थी सामने आ रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।- प्रो. डीएस चूंडावत, उपाध्यक्ष, राजस्थान राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद
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