पेंशन पर रार: एनपीएस में हो सकता है बदलाव, गारंटीड पेंशन की तैयारी में सरकार! , टीवी सोमनाथन के नेतृत्व में पैनल एनपीएस में फिक्स पेंशन देने की सिफारिश कर सकता है, पर नॉन-कंट्रीब्यूटरी सिस्टम वापस नहीं होगा
नई दिल्ली. पुरानी पेंशन प्रणाली की तरह ही नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में भी कर्मचारियों को गारंटीड पेंशन देने की तैयारी शुरू हो गई है। वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में समित एनपीएस में भी गारंटीड पेंशन देने की सिफारिश कर सकती है। हालांकि कर्मचारियों को भी एनपीएस में योगदान देना होगा। इससे केंद्र पर वित्तीय बोझ भी बहुत अधिक नहीं बढ़ेगा। हिस्सा हर माह पेंशन के रूप में दिया जा सकता है एनपीएस में आखिरी सैलरी का, लेकिन कर्मचारियों को 10% योगदान करते रहना होगा

इसिलए बढ़ी ओपीएस की मांग
पुरानी पेंशन प्रणाली के तहत कर्मचारी की आखिरी सैलरी का 50% हिस्सा हर माह पेंशन के रूप में दिया जाता है, जबकि एनपीएस में पेंशन किए गए अंशदान के आधार पर मिलता है। इसमें अंतिम महीने की सैलरी का अधिकतम 35% ही पेंशन मिलता है, वह भी निश्चित नहीं हैं। क्योंकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का पेंशन राशि पर असर पड़ता है। नई पेंशन योजना में मैच्योरिटी पर 60% राशि एकमुश्त मिलती है। वहीं 40% राशि से एन्युटी खरीदना होता है जिससे पेंशन मिलती है। पेंशन राशि टैक्सेबल है, जबकि ओपीएस में यह टैक्सफ्री है।
सरकार की परेशानी: ओल्ड पेंशन स्कीम में महंगाई को लिंक किया गया है। इसके चलते हर सरकारी कर्मचारी के पेंशन में महंगाई के आधार पर सालाना 6-8% की बढ़ोतरी हो जाती है। कहां-कहां ओपीएस लागू राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू किया जा चुका है।

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