परिषद‍ीय विद्यालयों की अवकाश तालिका वर्ष 2025 देखें व करें डाउनलोड

👇Primary Ka Master Latest Updates👇

गुरुवार, 20 अप्रैल 2023

Old Pension Scheme: पुरानी पेंशन स्कीम पर बड़ा अपडेट, इस राज्य सरकार ने फिर की लागू, कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

 Old Pension Scheme: पुरानी पेंशन स्कीम पर बड़ा अपडेट, इस राज्य सरकार ने फिर की लागू, कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

Old Pension Scheme: पुरानी पेंशन स्कीम पर बड़ा अपडेट, इस राज्य सरकार ने फिर की लागू, कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

Pension: देश में पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर काफी हंगामा देखने को मिल रहा है. कई राज्य सरकारों की ओर से पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से लागू किया गया है. इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार आखिरकार 1 अप्रैल से राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की बजाय पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर वापस चली गई है. कांग्रेस पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों में ओपीएस में वापस जाने का वादा किया था.


पुरानी पेंशन स्कीम

हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के जरिए हाल ही में इस संबंध में एक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है. अधिसूचना के अनुसार “सीसीएस (पेंशन) नियम 1972 के तहत पुरानी पेंशन योजना के कार्यान्वयन के लिए कैबिनेट के फैसले के मद्देनजर, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों (कर्मचारी और नियोक्ता का हिस्सा) का योगदान 1 अप्रैल, 2023 से बंद कर दिया जाएगा."


पेंशन

इस कदम से रिटायर और सेवारत दोनों कर्मचारियों को लाभ होगा और 20 वर्ष से अधिक की सेवा वाले कर्मचारी मूल वेतन और डीए के 50 प्रतिशत पेंशन के हकदार होंगे. वहीं इस कदम से सरकारी खजाने पर 1000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने की संभावना है. इस साल की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश सरकार के जरिए ओपीएस को बहाल करने का फैसला करने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा था, “सरकार का उद्देश्य सभी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है. हमने सामाजिक सुरक्षा और मानवता की दृष्टि से ओपीएस को लागू करने का निर्णय लिया है. ओपीएस व्यय की सामर्थ्य वित्तीय अनुशासन और खर्चों में कटौती के माध्यम से हासिल की जाएगी और हमारा मानना है कि ऐसा कोई काम नहीं है जो नहीं किया जा सकता है."


नई पेंशन योजना बनाम पुरानी पेंशन योजना

बता दें कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारी के जरिए हासिल किए गए अंतिम वेतन पर आधारित है. वहीं एनपीएस को अंशदान पेंशन प्रणाली के रूप में जाना जाता है. ओपीएस के तहत कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में अंतिम आहरित वेतन का 50 प्रतिशत निकाल सकता है. वहीं एनपीएस के तहत एक व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के समय उसके कार्य वर्षों के दौरान संचित कोष का 60 प्रतिशत निकालने की अनुमति है, जो कर-मुक्त है. शेष 40 प्रतिशत को एक वार्षिक उत्पाद में परिवर्तित कर दिया जाता है, जो वर्तमान में व्यक्ति को उसके आखिरी सैलरी का 35 प्रतिशत पेंशन प्रदान कर सकता है.

Old Pension Scheme: पुरानी पेंशन स्कीम पर बड़ा अपडेट, इस राज्य सरकार ने फिर की लागू, कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें