आरपीएससी नहीं बनाता प्रश्न बैंक, पेपर सेटिंग भी असुरक्षित
अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) खुद की गलतियों से पेपर लीक कांड में फंसा। यूपीएससी की तरह क्वश्चेन बैंक नहीं बनाने और पेपर सेटिंग को सुरक्षित नहीं बनाने से यह हालात बने हैं। जबकि एमएल कुमावत और विजयशंकर व्यास कमेटी ने सरकार को सौंपी सिफारिश में इन पर सर्वाधिक जोर दिया। आयोग का अध्यक्ष किसी भी सदस्य को भर्ती परीक्षाओं के पेपर बनाने की जिम्मेदारी सौंपता है। सदस्य विश्वविद्यालयों-कॉलेज अथवा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर-विशेषज्ञों से पेपर तैयार करातेे हैं। यह त्रि-स्तरीय प्रश्न पत्रों का सैट तैयार कर आयोग को सौंपते हैं। आरपीएससी प्रत्येक परीक्षा के लिए पेपर सेट कराता है। यूपीएससी तय एसओपी के अनुसार 2 से 5 हजार क्वेश्चन बैंक तैयार कराता है। विशेषज्ञों के कंप्यूटराइज्ड बायोडाटा, आधार कार्ड, अंगुलियों के इम्प्रेशन तक रखे जाते हैं। इन्हीं क्वेश्चन बैंक से आईएएस, मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित अन्य भर्तियों के पेपर बनाए जाते हैं।
सरकार के अवकाश नियमों में नहीं बंधे हैं आयोग सदस्य
राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य अवकाश के नियमों में बंधे नहीं हैं। गोपनीय काम पर जाना बताकर वह जमकर छुट्टियां लेते हैं। संवैधानिक संस्था होने से सरकार नहीं पूछती। नियुक्ति आदेश देने वाला राजभवन भी दखल नहीं देता है। आरपीएससी सदस्यों को छुट्टी लेने के लिए सिर्फ अध्यक्ष को नोटशीट भेजनी होती है। इसमें लिखा होता है ...गोपनीय या परीक्षात्मक कार्य के लिए मुख्यालय से बाहर जाना है। जरूरत पड़ने पर कार और ड्राइवर भी साथ रहते हैं।
बंद रहा कटारा का चैंबर, एसओजी करेगी पड़ताल
सदस्य बाबूलाल कटारा का चैंबर बुधवार को बंद रहा। आयोग कार्यालय के समक्ष पुलिस का जाप्ता भी तैनात रहा। उधर, एसओजी जल्द बाबूलाल के चैंबर, कंप्यूटर, लैपटॉप और पत्रावलियां खंगालने की तैयारी में है। आयोग में सब इंस्पेक्टर भर्ती के साक्षात्कार जारी हैं। बुधवार को साक्षात्कार देने पहुंचे कई अभ्यर्थी आयोग परिसर और इसके आस-पास स्थित चाय की थड़ियों पर बैठे रहे। अध्यक्ष संजय कुमार श्रोत्रिय और अन्य सदस्यों ने अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए।
कुमावत-व्यास कमेटी की सिफारिशें
- परीक्षाओं के गुणवत्ता युक्त बनें पेपर
- पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों का बायोडाटा जरूरी
- सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस व्यवस्था की जाए
- प्रश्न बैंक बनाए जाएं, ताकि पेपर बनाने में हो सुविधा
- पेपर बनाने वालों का पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी
गोपनीयता की खुल चुकी है पोल
आरपीएससी की गोपनीयता एसओजी जांच में खुल चुकी है। पेपर लीक मामले के सरगना शेरसिंह द्वारा ड्राइवर के माध्यम से बाबूलाल कटारा से संपर्क करने, कटारा द्वारा 60 लाख में सौदा करने की बात सामने आई है।
उप्रेती व पंवार ने जताई थी नाराजगी
आयोग में कई सेवानिवृत्त शिक्षक कार्यरत हैं। इन्हीं के माध्यम से सदस्य एक्सपर्ट कमेटी बना परीक्षाओं के पेपर तैयार कराते हैं। पूर्व अध्यक्ष डॉ. ललित के. पंवार और दीपक उप्रेती ने इस पर आपत्ति जताई थी।

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