40 हजार पंचायत शिक्षकों को दो माह से नहीं मिला है वेतन
बीकानेर. राज्य के पीडी खाते से वेतन पाने वाले करीब 40 हजार शिक्षक पिछले दो माह से वेतन को तरस रहे हैं, जबकि राजकोष में बजट में पैसा होते हुए भी अधिकारी, शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिला पा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने पीडी खाते वाले शिक्षकों को वेतन दिलाने के लिए बजट आवंटन के प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेज दिए थे। लेकिन वित्त विभाग के एक उप सचिव के अवकाश परहोने से फाइल उनकी टेबल पर पिछले 15 दिनों से अटकी बताई जा रही है। शिक्षकों को मार्च-अप्रेल का वेतन अभी तक नही मिला है, जिससे खासतौर से उन शिक्षकों को ज्यादा परेशानी आ रही है, जिनके लोन चल रहे हैं और वे किश्तें नहीं चुका पा रहे हैं। खातों में बैलेंस नहीं होने पर जुर्माना तो लगाता ही है, साथ ही उनका ट्रैक रिकार्ड भी खराब हो जाता है। इससे भविष्य में ऋण लेने में परेशानी आती है। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र पांडे ने इस स्थिति पर चिंता जाहिर की है
यह है व्यवस्था
पीडी खाते से वेतन पाने वाले शिक्षकों के वेतन मांग के प्रस्ताव मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों द्वारा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भेजे जाते हैं। निदेशालय इन्हें तब तक रोके रखता है, जब तक राज्य के सभी सीबीईओ से प्रस्ताव नहीं आ जाते। फिर निदेशालय इन्हें समेकित कर प्रारंभिक शिक्षा को भेजता है। वहां से ये प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे जाते हैं। वित्त विभाग से स्वीकृत होने के बाद ये प्रशासनिक विभाग को जाते हैं। जहां से मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों से संबंधित ट्रेजरी को बजट आवंटित किया जाता है। उसके बाद सीबीईओ पीडी खाते से वेतन आहरित कर पाते हैं। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता है इसलिए हर बार वेतन समय पर नहीं मिल पाता।
शिक्षक संगठनों की मांग
शिक्षक संगठनों की मांग है कि पीडी मद वाले शिक्षकों तथा कार्मिकों को समय पर वेतन मिल सके, इसके लिए एक टाइम फ्रेम निर्धारित होना चाहिए, ताकि हर माह की 5 तारीख तक सभी को वेतन मिल सके। इसमें देरी होने पर जिस स्तर पर देरी हो, उस स्तर के अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए।
प्रस्ताव विचाराधीन
निदेशालय से प्रस्ताव प्रशासनिक विभाग को 10 अप्रेल को ही भेज दिए गए थे। प्रस्ताव राज्य सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। वित्तीय वर्ष के प्रस्ताव ऑनलाइन अप्रेल में ही भेजे जाते हैं। उससे पहले सिस्टम प्रस्ताव स्वीकार नहीं करता।-विमल तंवर, मुख्य लेखाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर
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