7560 स्कूलों में 1-1 शिक्षक ही, बिजली-पानी नहीं... भवन भी जर्जर
साल के आखिर में चुनाव हैं। जनता से जुड़े मुद्दे जानने के लिए कराए गए भास्कर के महा सर्वे में राजस्थान में लोगों ने शिक्षा में सुधार को सबसे बड़ी जरुरत बताई थी। भास्कर ने इसकी पड़ताल की। सामने आया कि कहीं जर्जर भवनों में स्कूल संचालित हैं तो कहीं शिक्षकों की कमी से कक्षाएं ही नहीं लग रही हैं। 7560 स्कूल तो एक शिक्षक के भरोसे है। 10 साल में 13 हजार स्कूल कम हुए हैं। अब 72 हजार से अधिक स्कूल हैं। वर्ष 2013 में प्रदेश में 85 हजार स्कूल थे। भाजपा सरकार के समय 20 हजार स्कूलों को कम नामांकन के चलते नजदीकी स्कूलों में मर्ज कर दिया गया था।कांग्रेस सरकार ने 7 हजार स्कूलों को डिमर्ज किया या नए शुरू किए।
विद्यार्थियों की संख्या 29 लाख बढ़ी है। दस साल पहले 65 लाख विद्यार्थी थे, जो अब 94 लाख हैं। शिक्षा विभाग का बजट 11704 करोड़ से 43377 करोड़ रुपए पहुंच गया है। अभी भी शिक्षकों के 1.36 लाख पद खाली हैं।वर्तमान में प्रदेश में 18 हजार सीनियर सेकंडरी, 19 हजार उच्च प्राथमिक और 35 हजार प्राथमिक स्कूल हैं। शिक्षकों की कमी भाजपा के 2013 से 2018 तक के कार्यकाल में भी थी। अब इस सरकार के कार्यकाल में भी कमी बनी हुई है।यह सांभर ब्लॉक में दोबडी का राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल का भवन है। पटि्टयां टूट चुकी हैं। दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है। बच्चों को कमरों में बैठने से भी डर लगता है।
1 हजार से ज्यादा स्कूल 1 ही क्लास रूम में चल रहें
| स्कूलों की संख्या | सुविधाओं का आभाव |
| 12093 | स्कूलों में बिजली नहीं |
| 7560 | स्कूलों में सिर्फ 1 शिक्षक |
| 1019 | सिर्फ एक क्लास रूम में |
| 1277 | टॉयलेट ही नहीं |
| 4489 | पेयजल की सुविधा नहीं |
| 21268 | मैदान ही नहीं |
(सरकारी आंकड़े हैं)
जानाकरी के अनुसार प्रदेश में 35281 प्राथमिक स्कूल, 18707 उच्च प्राथमिक और 18035 सीनियर सेकंडरी स्कूल हैं। इनमें से 60 हजार 300 पद प्राथमिक में और 76 हजार169 पद माध्यमिक में खाली हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि विभाग ने तबादला नीति कार्मिक विभाग को भेज दी है। पहली बार एक साथ साढ़े चार हजार स्कूलों को सीनियर सेकंडरी में क्रमोन्नत किया। बाल गोपाल दूध योजना, यूनिफॉर्म योजना सहित कई योजनाएं प्रारंभ की है।
शिक्षा विभाग में सरकारी स्तर पर कराए गए अच्छे काम
- सरकारी स्तर पर पहली बार अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी स्कूल प्रारंभ
- एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया, कंप्यूटर अनुदेशकों की भर्ती की गई
- शिक्षक भर्ती में प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करना जरूरी हुआ
- एक लाख से अधिक पदों पर भर्तियां निकाली गई, बाल गोपाल दूध योजना

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