प्रदेश में ग्रेड थर्ड शारीरिक शिक्षकों के 7300 पद खाली, फिर भी चयन बोर्ड ने सात महीने से अटका रखा है 5546 पदों का रिजल्ट
प्रदेश में नया शिक्षा सत्र 2023-24 शुरू हो चुका है। 16 मई तक स्कूलों में प्रवेशोत्सव चलेंगे। 23 जून से शहरी-ग्रामीण ओलिंपिक खेल प्रस्तावित हैं। इस बीच बड़ी चुनौती ये है कि सात महीने पहले 5546 तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आज तक घोषित नहीं किया गया है। नतीजा इस बार भी ग्रामीण-शहरी ओलिंपिक खेल बिना शारीरिक शिक्षक के होंगे। भर्ती के लिए पिछले साल 25 सितंबर को परीक्षा करवाई थी।
कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से करवाई गई शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन का काम दिसंबर में पूरा हो चुका है। लेकिन चपन बोर्ड ने अभी तक अंतिम परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया है। अभ्यर्थी समय पर परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं। एक्सपर्ट की माने तो फाइनल परिणाम जारी होने के बाद भी अभ्यर्थियों की पोस्टिंग में समय लगेगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला आवंटन करने के बाद (काउंसलिंग के जरिए पोस्टिंग दी जाएगी। इसमें महीनेभर का समय लगने की संभावना है। ऐसे में अभ्यर्थी 1 जुलाई से पहले पोस्टिंग देने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश में 64860 सरकारी स्कूल हैं। जबकि शारीरिक शिक्षकों के 24399 पद ही स्वीकृत हैं। यानी 40461 स्कूलों में पीटीआई के पद ही रिक्त नहीं हैं। इधर, 24 हजार 399 स्वीकृत पदों में से 7300 खाली हैं। सीकर जिले में यह संख्या 250 से ज्यादा है। परीक्षा परिणाम जारी करने में देरी होने पर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि भर्ती परीक्षा को सात महीने हो चुके हैं। लेकिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली है। अभ्यर्थी प्रमोद, अभिषेक आनंद, मुकेश किलानिया आदि ने बताया कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं कर पा रहे हैं 7 माह बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों ने 10 मई को कर्मचारी चयन बोर्ड का घेराव करने की अल्टीमेटम दिया है।
शहरी ग्रामीण ओलिंपिक 90 करोड़ रुपए बढ़ाया बजट, 7 तरह के खेल होंगे, 68 दिन चलेंगे आयोजन सरकार ने इस बार शहरी और ग्रामीण ओलिंपिक आयोजन के बजट में 90 करोड़ की बढ़ोतरी की है। पिछले साल सरकार ने ग्रामीण ओलिंपिक पर 40 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस बार बजट 130 करोड़ रुपए तय किया है। जिला स्तर पर पहुंचने पर खिलाड़ियों को ड्रेस किट दिया जाएगा। 23 जून से 29 अगस्त तक 68 दिन शहरी और ग्रामीण ओलिंपिक का आयोजन होगा इसमें 7 तरह के खेल होंगे।
हड़ताल में अटकी भर्ती प्रक्रिया मंत्रालयिक कर्मचारियों के आंदोलन से पुरानी भर्तियों के परिणाम अटक गए है। वहीं नई भर्तियों की विज्ञप्ति अनलॉक नहीं हो पा रही है। बजट में सरकार ने इस साल एक लाख भक्तियां कराने की घोषणा की है, लेकिन लगातार देरी होने से सरकार की मुसीबत बढ़ती जा रही है। कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले दिनों सीईटी का परिणाम जारी कर दिया। सीईटी के अंकों के आधार पर आठ विभागों में अभ्यर्थियों में से नौकरी दी जानी है। लेकिन मंत्रालयिक कर्मचारियों की हड़ताल से इन विभागों में कोई तैयारी नहीं है।
पीटीआई भर्ती मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर पर तीसरी एक्सपर्ट कमेटी से उत्तर की जांच करवाई जा रही है। अभ्यर्थियों ने कुछ सवालों के जवाब को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले में हाईकोर्ट ने तीसरी कमेटी से चेक करवाने के आदेश दिए। इसलिए रिजल्ट में देरी हो रही है। हरिप्रसाद शर्मा, अध्यक्ष कर्मचारी चयन बोर्ड
प्रदेश की 65 प्रतिशत स्कूलों में शारीरिक शिक्षक के पद स्वीकृत ही नहीं है। स्वीकृत पदों में 30 प्रतिशत रिक्त है। सरकार को शहरी और ग्रामीण ओलिपिक आयोजन से पहले फाइनल रिजल्ट घोषित करना चाहिए।- उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)
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