कॉपी चेक के रुपए एक साल से नहीं मिले ,कॉपियां चेक करने का रेट नहीं बढ़ाने से अब शिक्षक भी इस कार्य में कम रुचि ले रहे
11 साल से 10वीं व 12वीं बोर्ड की कॉपियां चेक करते हैं, लेकिन सिर्फ 14 व 15 रुपए प्रति कॉपी मिलते हैं। इसके लिए भी 1 साल तक का इंतजार करना पड़ता है। 11 सालों से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा बोर्ड द्वारा कॉपियां चेक करने का रेट नहीं बढ़ाने से अब शिक्षक भी इस कार्य में कम रुचि लेते हैं। इस बार भी कॉपियां चेक हो गईं, लेकिन अभी तक पिछले साल का भुगतान भी नहीं हुआ। शिक्षकों का कहना है कि लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है, लेकिन करीब 11 साल से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मानदेय नहीं बढ़ाया है। परीक्षा के लिए आवेदन लेते समय विद्यार्थियों से लिया जाने वाला शुल्क दो-तीन वर्षों के बाद बढ़ाया जा रहा है। कम मानदेय के चलते अब शिक्षक भी इससे किनारा करने लगे हैं, लेकिन बोर्ड की ओर से नोटिस के डर से कार्य करना पड़ता है।
किसको कितना मिलता
माध्यमिक 14, उमा 15 परीक्षा केंद्र के कार्य के लिए प्रतिदिन केंद्राधीक्षक 150, अतिरिक्त केंद्राधीक्षक को 110, वीक्षक को 90, निरीक्षण के दौरा जिला शिक्षा अधिकारी को 2 हजार, उडना दस्ता संयोजक 525 व व सदस्य को 425 रुपए मिलते हैं।
शिक्षकों का तर्क : 3 फीसदी वेलफेयर फंड क्यों
बोर्ड 3% वेलफेयर फंड काटती हैं। कॉपी चेकिंग पारिश्रमिक में से वो फंड टीचर्स के बच्चों को छात्रवृत्ति देती है, या फंड नहीं काटे । लेकिन अब उसमें कंडीशन डाल दी। 8 लाख से ज्यादा आय वाले टीचर्स के बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। तो फिर बोर्ड उन टीचर्स से 3% वेल वर्ष लेट चलती है।
बोर्ड को उत्तरपुस्तिका जांच करवाने में बहुत समस्या आती है। कम पारिश्रमिक के कारण टीचर्स जांच कार्य में रुचि नहीं लेते सीबीएसई बोर्ड का पारिश्रमिक 25 रुपए है। लेकिन आरबीएसई बोर्ड इतना कम देकर टीचर्स का शोषण कर रही हैं।-जयनारायण कडेचा कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ एकीकृत

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