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गुरुवार, 8 जून 2023

शिक्षा मंत्री कल्ला बोले- संस्कृत ही संस्कृति-संस्कार की जननी कहा- जहां इसके कॉलेज नहीं थे, वहां खोले, 10% संस्कृत विद्यालय क्रमोन्नत कर रह रहे

 

शिक्षा मंत्री कल्ला बोले- संस्कृत ही संस्कृति-संस्कार की जननी कहा- जहां इसके कॉलेज नहीं थे, वहां खोले, 10% संस्कृत विद्यालय क्रमोन्नत कर रह रहे

शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला मंगलवार को उदयपुर दौरे पर रहे। सबसे पहले राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) की पहली गर्वनिंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान मंत्री ने प्रदेश की अकादमिक नोडल एजेंसी के रूप में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सुदृढ़ करने कि दिशा में आरएससीईआरटी द्वारा किए जा रहे शिक्षकों के विषयगत ज्ञान और शिक्षण विधाओं को लगातार बढ़ाने का आह्वान किया।उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डेटाबेस बनाने का सुझाव दिया तो परीक्षा पैटर्न में बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया। असेसमेंट पोर्टल लॉन्च किया और राज्य मॉडल संदर्भ कक्ष और ई-कंटेंट क्रिएशन स्टूडियो का उद्घाटन किया। मंत्री ने कहा कि राजस्थान फिट इंडिया में फ़र्स्ट है।


कोरोना काल में कक्षा-1 से 8वीं तक के जो विद्यार्थी पढ़ाई नहीं कर पाए उन्हें ब्रिज कोर्स से अंग्रेजी, गणित, विज्ञान पढ़ाकर विश्व कीर्तिमान बनाया है। नवाचार लगातार अपनाते जा रहे हैं। इसके बाद शिक्षा मंत्री बी. डी. कल्ला ने अमरूदों की बाड़ी, केशव नगर स्थित 5 करोड़ लागत से निर्मित राजकीय महाराणा आचार्य संस्कृत महाविद्यालय का लोकार्पण किया।इस अवसर पर मंत्री कल्ला ने कहा कि संस्कृत भाषा संस्कृति और संस्कार की जननी है। प्रदेश सरकार संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रदेश के उन सभी जिलों में संस्कृत महाविद्यालय खोल दिए हैं, जहां पहले नहीं थे। संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए सामान्य शिक्षा की तरह 10 प्रतिशत संस्कृत विद्यालयों को क्रमोन्नत किया जा रहा है और सभी साधन सुविधाएं मुहैया करवाएं जा रहे हैं।


संगठनों की मांगें: शिक्षकों के टीएसपी से नॉन टीएसपी समायोजन व तृतीय श्रेणी स्थानांतरण किए जाएं

राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री बी. डी. कल्ला से सर्किट हाउस में मुलाकात कर ज्ञापन दिया। प्रदेशाध्यक्ष चौहान ने शिक्षा मंत्री से कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने में लगभग 2 सप्ताह का समय ही बचा है, लेकिन शिक्षकों के टीएसपी से नॉन टीएसपी समायोजन, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, शिक्षकों की पिछले 3 वर्ष से डीपीसी के माध्यम से पदोन्नति सहित कई मांगें लंबित हैं, इससे शिक्षकों में भारी रोष है।


इसके अलावा उप प्रधानाचार्य के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरने, प्रारंभिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा 6डी के तहत सेटअप परिवर्तन को स्वैच्छिक करने एवं माध्यमिक शिक्षा विद्यालयों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के रिक्त पद नई शिक्षक भर्ती से भरने, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के सभी विद्यालयों में वर्तमान बालकों की संख्या के आधार पर नवीन पद सृजित करने जैसी कई मांगें भी रखी गईं।


वेतनमान के संबंध में आदेश जारी कराएं :

राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ रेसला ने मंत्री को सर्किट हाउस में ज्ञापन दिया। रेसला ज़िला अध्यक्ष गिरीश कुमार चौबीसा के नेतृत्व में दिए इस ज्ञापन में नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सृजित व्याख्याताओं के पदों के लिए अविलंब बजट जारी कराने, राजपत्रित अधिकारियों के लिए बजट घोषणा के अनुरूप 9-18-27 वर्षीय चयनित वेतनमान के संबंध में आदेश जारी कराने सहित कई मांगें थीं।


संस्कृत महाविद्यालय के लोकार्पण समारोह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरजा व्यास ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए कई लोक कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को संचालित कर रही है। विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद रघुवीरसिंह मीणा, वल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत, सुविवि कुलपति प्रो. आईवी त्रिवेदी, संस्कृत शिक्षा निदेशक भास्कर शर्मा, संयुक्त निदेशक प्रो. शालिनी सक्सेना, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रजनी चतुर्वेदी आदि मौजूद थे। विधायक प्रीति ने कहा कि जिसकी शुरूआत पाठशाला के रूप में हुई, आज वो विशाल रूप लेकर महाविद्यालय के रूप में स्थापित है।

शिक्षा मंत्री कल्ला बोले- संस्कृत ही संस्कृति-संस्कार की जननी कहा- जहां इसके कॉलेज नहीं थे, वहां खोले, 10% संस्कृत विद्यालय क्रमोन्नत कर रह रहे Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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