218 दिन की डीईओ, इसमें 76 छुट्टियों के बाद हो गई एपीओ
जिले के प्रारंभिक शिक्षा में अधिकारियों का मोहभंग होता जा रहा है। जहां पहले की गड़बड़ियों और पेंडिंग लीगल केस को देखते हुए डीईओ के पद पर अधिकारी पदस्थापन कराने से दूर भागते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति पिछले 46 माह से बनी हुई है। इन 46 माह में 7 बार डीईओ की जिम्मेदारी कार्यवाहक के भरोसे चली है। इस बीच दो बार बीच में विभाग ने स्थाई डीईओ की नियुक्त तो की, लेकिन वो भी लंबे समय तक काम नहीं कर सके। 8 माह पहले विभाग ने पदोन्नति के बाद रेखा रोत को बतौर डीईओ प्रारंभिक में पदस्थापन दिया, लेकिन पदस्थापन के बाद भी डीईओ रोत करीब 78-80 दिन अवकाश पर रही और हाल ही में उन्हें संयुक्त निदेशक कार्यालय उदयपुर में एपीओ कर दिया गया। विभाग से यह जानकारी सामने आ रही है कि रोत यहां कार्य करने की इच्छुक नहीं थी। ऐसे में अब जल्द ही उन्हें बांसवाड़ा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी मिल सकती है। रोत के एपीओ होने के बाद दोबारा प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी डीईओ माध्यमिक मावजी खांट को सौंप दी गई है
जोशी के ट्रांसफर के बाद
10 मार्च को 2019 को धर्मेंद्र जोशी को डीईओ बनाया गया, करीब 4 माह कार्य के बाद पदोन्नति के बाद उन्हें बीकानेर भेज दिया गया। इसके बाद 19 अगस्त 2021 तक प्रारंभिक शिक्षा विभाग में डीईओ का पद खाली रहा और कार्यवाहक के तौर पर जिम्मेदारी दी गई। अगस्त 2021 में विभागीय पदोन्नति के बाद। शैलेंद्र भट्ट को डीईओ बनाया गया, लेकिन एक साल में भी 3 दिन शेष बचे थे कि उन्हें वहां से हटा दिया गया, बाद में डीईओ मावजी खांट, रेखा रोत मावजी खांट बीच बीच में कार्यभार संभालते रहे। 18 अक्टूबर को रेखा रोत को स्थाई डीईओ के तौर पर नियुक्त किया, लेकिन कुछ दिन पहले ही उन्हें एपीओ कर दिया गया। इन 3 सालों में दिनेश पंड्या, हेमंत कुमार द्विवेदी ने भी अतिरिक्त कार्यभार संभाला।
यह है डीईओ की दूरी की वजह: प्रारंभिक शिक्षा विभाग में बीते 4-5 सालों में कई गड़बड़ियां और अनियमितता सामने आई हैं। इसके कारण विभाग में कानूनी प्रकरणों की संख्या बढ़ गई है। एक जानकारी के अनुसार 180 से 200 के करीब कानूनी प्रकरण अनट्रेंड शिक्षकों के ही लंबित चल रहे हैं। इसके अलावा अन्य विभागीय जांच के प्रकरण भी सालों से पेंडिंग पड़े हुए हैं। साथ ही विभाग में स्थायीकरण की प्रक्रिया सहित 6डी और 3बी में भी गड़बड़ियों शिकायतें पहले सामने आ चुकी हैं। वहीं दूसरी वजह शिक्षकों से बात करने पर यह भी सामने आई कि प्रारंभिक शिक्षा में कार्यरत कार्मिकों में आपसी तालमेल का बड़ा अभाव हैं। इस कारण अधिकारी यहां पदस्थापन से कतराते हैं।
2010 से अब तक डीईओ की स्थिति
नाम--------------------------कब से कब तक--------------जिम्मेदारी
मोहनलाल पारगी -----------1/12/10 --25/2/14------------मूल
महेंद्र त्रिवेदी------------------1/3/14---15/7/14-------------कार्यवाहक
पुष्पेंद्र पंड्या-----------------16/7/14--12/11/14-----------कार्यवाहक
कन्हैयालाल रैगर-----------13/11/14---31/5/15 -----------मूल
प्रभाकर आचार्य-------------1/5/15---31/8/16--------------मूल
प्रेमजी पाटीदार--------------11/10/16--31/7/18----------मूल


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