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बुधवार, 7 जून 2023

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड: समान काम फिर भी भुगतान असमान



 राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड: समान काम फिर भी भुगतान असमान

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में सालाना बोर्ड परीक्षाओं के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के कलेक्शन करने के लिए कलेक्शन सेंटरों पर नियुक्त किए जाने वाले कार्मिकों से समान काम लेने के बावजूद असमान पारिश्रमिक भुगतान किया जा रहा हैं। बोर्ड कार्मिकों का मुख्य रूप से जो काम हैं उसके बाद भी कलेक्शन सेंटरों पर जाने से अतिरिक्त भुगतान के रूप में 400 रुपए का मेहनताना मिलने से बल्ले-बल्ले हो रही हैं, वहीं शिक्षा विभाग के कार्मिकों की इन केन्द्रों ड्यूटी लगाकर समान काम लेने के बावजूद मात्र 200 रुपए दैनिक भत्ता दिया जाता है।  


इससे उनमें निराशा के साथ ही भेदभाव से ग्रसित होने का भाव भी स्पष्ट नजर आ रहा हैं। बोर्ड की हाल ही सम्पन्न हुई सालाना परीक्षाओं के लिए करीब 50 कलेक्शन सेंटर बनाए गए। प्रत्येक पर औसतन तीन कार्मिक नियुक्ति किए गए। इनमें से दो बोर्ड के कार्मिक एवं एक शिक्षा विभाग का कार्मिक शामिल है। उसका चयन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से किया गया। औसतन तीन कार्मिकों में से सेंटरों पर दो शिक्षक व बोर्ड का कार्मिक भी लगा दिया जाता हैं, लेकिन प्रत्येक सेंटर पर ड्यूटी देने वाले बोर्ड कार्मिक कोतो दैनिक मेहनताना के रूप में 400 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता हैं, वहीं शिक्षा विभाग के शिक्षक या कार्मिक को 200 रुपए ही प्रतिदिन भुगतान होता हैं


उत्तरपुस्तिकाएं बोर्ड को पहुंचाने की जिम्मेदारी

इन कलेक्शन सेंटरों पर बोर्ड परीक्षा की सैकण्डरी एवं सीनियर सैकण्डरी सहित समकक्ष कक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्रित करवाकर कलेक्शन सेंटरों के माध्यम से बोर्ड मुख्यालय भिजवाने की जिम्मेदारी इन्हीं कार्मिकों की होती हैं। उत्तरपुस्तिकाओं के पहुंचाने के बदले ही इन्हें भुगतान किया जाता हैं


नहीं हुआ संपर्क

भुगतान में असमानता के मसले पर बोर्ड की वित्तीय अधिकारी रश्मि बिस्सा के मोबाइल पर सम्पर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन वह पलब्ध नहीं हो सकीं।


इनका कहना हैं

"" यह शिक्षा बोर्ड का भेदभाव पूर्ण तरीका अनुचित और शिक्षा विभाग के कार्मिकों में निराशा भाव पैदा करने वाला हैं। जब काम सभी से समान रूप से लिया जा रहा हैं, तो फिर समान रूप से भुगतान भी किया जाना चाहिए। बोर्ड अपने कार्मिकों को उपकृत कर रहा है। लम्बे समय से परीक्षा के दौरान वीक्षक रूप में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों का भी पारिश्रमिक नहीं बढ़ाया जा रहा हैं। जबकि बोर्ड सालाना परीक्षाओं की फीस में हर साल बढ़ोत्तरी करता हैं।- विजय सोनी, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ राधाकृष्णन

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