पढ़ाई के प्रति बालिकाओं में क्रेज, 5 साल में नामांकन बढ़ा,स्कूलों में बालिकाओं का पंजीयन बालकों से अधिक
अलवर. केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से पिछले कई दशकों से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। पूर्व में अलवर का मेवात क्षेत्र बालिका और बालक शिक्षा दोनों में पिछड़ा था, लेकिन वर्ष 2019 के बाद जिले में बालिका शिक्षा में सुधार आया और बालिकाओं का नामांकन बालकों से अधिक होने लगा। पहले बालिकाओं का दाखिला स्कूलों में कम देखा जाता था। अब इसमें वृद्धि होने लगी है।
इस तरह से रहा बालिकाओं का नामांकन : जिले में संचालित 2842 सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 9 तक बालिकाओं का नामांकन बालकों से दो से तीन हजार अधिक रहा है। इसका कारण सरकारी स्कूलों के स्तर में सुधार होना है। यह नामांकन 2019 के बाद और बढ़ा है।
बालिकाओं को हर क्षेत्र में दबदबा
जिले में बालिकाओं का स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा दाखिला हो, इसके लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग से बालिका स्कूल और आवासीय विद्यालयों को शुरू किया है। बालिकाओं का देश व राज्य की प्रगति के लिए शिक्षित होना अति आवश्यक है।

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