बच्चों के परिजन चखेंगे दूध-भोजन का स्वाद, जांचेंगे गुणवत्ता, एक जुलाई से करीब पौने दो लाख छात्र-छात्राओं को छह दिन मिलेगा दूध
धौलपुर. मिड-डे-मील के तहत सरकारी स्कूलों में मिलने वाले भोजन और मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत मिलने वाले दूध को बच्चों को देने से पहले अभिभावक व एसडीएमसी सदस्य उसकी जांच करेंगे। भोजन व दूध की गुणवत्ता व स्वाद सही होने के बाद ही परोसा जाएगा। यह कार्य संस्था प्रधानों को नियमित रूप से करना होगा। संस्था प्रधानों को उक्त प्रक्रिया का रजिस्टर भी संधारण करना होगा कि कौनसे दिन किस अभिभावक ने विद्यालय में भोजन का स्वाद चखा और गुणवत्ता देखी। यह प्रक्रिया नहीं अपनाने वाले संस्था प्रधानों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
छह दिन दूध और एक दिन मिलेंगे फल : शिक्षा अधिकारियों की मानें तो मिड-डे-मील में भोजन के अलावा छह दिन विद्यार्थियों को पौष्टिक दूध दिया जाएगा। वहीं, छह दिन के दौरान एक दिन फल दिए जाने जरूरी होंगे। एक जुलाई ने नई व्यवस्था का फायदा जिले के करीब पौने दो लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिल सकेगा। जिले के राजकीय स्कूलों के कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अभिभावक व एसडीएमसी के सदस्यों के दूध व भोजन की गुणवत्ता की जांच और चखने के बाद ही मिलेगा।
इनका कहना है
एक जुलाई से विद्यार्थियों को मिलने वाला भोजन व दूध रोजाना एक अभिभावक व एसडीएमसी सदस्य के चखने के बाद ही विद्यार्थियों को परोसना होगा। इसका रजिस्टर भी संधारित करना होगा। आयुक्त मिड-डे-मील की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।-अंजलि सिंह, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.) धौलपुर

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