गंभीर लापरवाही: RTE- 250 निजी स्कूलों में जमा हुई डबल किश्त, अब फोन कर मांग रहे वापस
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली पुनर्भरण राशि के भुगतान के मामले में जयपुर जिले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले में करीब 250 निजी स्कूलों को 6 करोड़ रुपए का भुगतान हो गया, जबकि उनके खातों में केवल 3 करोड़ रुपए का ही भुगतान होना था।अब शिक्षा विभाग के अधिकारी अधिक भुगतान किए गए 3 करोड़ रुपए वसूलने में लगे हैं। इसके लिए निजी स्कूलों को फोन करके पैसा वापस मांग रहे हैं। इस मामले में किसकी लापरवाही रही। यह तय नहीं हो पाया है।
डीईओ दफ्तर के कर्मी निजी स्कूलों से अधिक जमा हुई राशि का चेक ले रहे
अप्रैल में निजी स्कूलों को आरटीई का भुगतान हो रहा था। इस दौरान जिले के करीब 250 निजी स्कूलों में डबल भुगतान हो गया। मामला सामने आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने वित्त विभाग और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस मामले में मार्गदर्शन मांगा। इसमें कहा गया कि जिन स्कूलों को भुगतान हुआ है, उनसे अधिक जमा हुआ पैसा वापस लिया जाए। इसके बाद डीईओ कार्यालय के कर्मचारी निजी स्कूलों को फोन करके अधिक जमा हुई राशि का चेक ले रहे हैं। इस मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
अप्रैल में स्कूलों को दी गई थी राशि
अप्रैल में निजी स्कूलों के खातों में जमा हुई 3 करोड़ रुपए का अधिक राशि दो महीने से अधिक समय से निजी स्कूलों के खातों में पड़ी है। इनमें से कुछ निजी स्कूलों ने तो चेक दे दिया, लेकिन कई निजी स्कूलों ने तो खातों से रुपए निकालकर काम में ले लिए। अब उनके खातों में पैसा नहीं होने के कारण वे जमा नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे निजी स्कूलों ने अब तक राशि जमा नहीं कराई है। 3 करोड़ रुपए में से अब तक करीब 1.80 करोड़ रुपए की ही वसूली हो पाई है। शेष राशि की वसूली की जा रही है।
नोटिस की धमकी दी जा रही
इस मामले पर निजी संचालकों का कहना है कि डबल भुगतान उन्होंने नहीं मांगा था। यह शिक्षा विभाग ने उनके खातों में जमा कराया है, इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। वे वापस पैसा देने को तैयार भी हैं। इसके बावजूद उन्हें धमकी दी जा रही है कि अगर जल्दी पैसा वापस जमा नहीं कराया तो नोटिस दिया जाएगा।
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें