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बुधवार, 19 जुलाई 2023

14 कॉलेज, व्याख्याता एक भी नहीं बेहाल उच्च शिक्षा सरकारी कॉलेज की प्राथमिक स्कूलों जैसी स्थिति 25 महाविद्यालय में 176 व्याख्याताओं के पद रिक्त,



 14 कॉलेज, व्याख्याता एक भी नहीं बेहाल उच्च शिक्षा  सरकारी कॉलेज की प्राथमिक स्कूलों जैसी स्थिति 25 महाविद्यालय में 176 व्याख्याताओं के पद रिक्त,

बाड़मेर जिले में कॉलेज शि‍क्षा बेपटरी है। हाल ये है कि यहां सरकारी कॉलेज से तो प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की स्थिति अच्छी है।सरकार ने हर मुख्यालय पर कॉलेज खोलकर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया है, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए व्याख्याता ही नहीं है। इतना ही नहीं सरकार ने पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में 14 कॉलेज खोल दिए है, इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि एक भी कॉलेज में अभी तक एक भी व्याख्याता नहीं लगाया है। जबकि इन कॉलेज में गत साल भी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया था, अब भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू है। व्याख्याता नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थियों को भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।


दरअसल, बाड़मेर जिले की सरकारी कॉलेज में हर साल प्रथम वर्ष में 4500 और स्नातकोत्तर तक करीब 8 हजार विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन पूरे सत्र पढ़ने वालों को संघर्ष ही करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। साथ ही सरकारी कॉलेज में पीटीआई नहीं होने पर खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन नहीं हो रहा है। इससे विद्यार्थी खेल से वंचित रह रहे हैं।


यह स्थिति कई सालों से कॉलेज में चल रही है। बाड़मेर जिले में कॉलेज में व्याख्याताओं की स्थिति चिंताजनक होने का मामला विधानसभा में गूंजा है, इसके बावजूद कोई असर नहीं हुआ है। बाड़मेर जिले में सरकार ने इसी साल 7 नए कॉलेज खोले हैं, इसके अलावा सात कॉलेज दो साल पहले खुले हैं। सिणधरी, सेड़वा, पाटोदी, कल्याणपुर, कन्या कॉलेज बायतु, गडरारोड, समदड़ी, कन्या सिवाना, कृषि बाड़मेर व गुड़ामालानी, गोलिया जैतमाल, गिडा, बिशाला व कन्या समदड़ी में प्रवेश प्रक्रिया के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया गया हैं यह प्रवेश प्रक्रिया भी किसी अन्य कॉलेज से व्याख्याता मंगवाकर पूरी करवाई है, लेकिन अब शिक्षण कार्य कैसे होगा? इसको लेकर सरकार ने कोई प्रयास नहीं किए गए है।  बाड़मेर जिले में सरकारी कॉलेज में व्याख्याताओं के पद लंबे समय से रिक्त है। सरकार कॉलेज खोलकर वाहवाही लूट रही है, जबकि शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो रही है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य को लेकर चिंता सता रही है। कॉलेजों की स्थिति प्राथमिक स्कूलों जैसी हो गई है। - भोमसिंह सुंदरा, विभाग संयोजक, एबीवीपी

14 कॉलेज, व्याख्याता एक भी नहीं बेहाल उच्च शिक्षा सरकारी कॉलेज की प्राथमिक स्कूलों जैसी स्थिति 25 महाविद्यालय में 176 व्याख्याताओं के पद रिक्त, Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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