177 प्राथमिक स्कूलों पर ताला लटकने की नौबत
नामांकन कम होने की वजह से एक बार फिर बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालयों पर ताला लग सकता है। प्रदेश में करीब 10 हजार से ज्यादा ऐसे विद्यालय हैं, जिनका नामांकन निर्धारित मापदंड से भी कम है। एक स्कूल में कम से कम 50 विद्यार्थी होने चाहिए। जिन स्कूलों में इससे कम नामांकन है, इन स्कूलों को निकट के सरकारी स्कूलों में मर्ज किया जा सकता है। अजमेर जिले में ऐसे करीब 177 स्कूल हैं। स्कूल मर्ज होने से बच्चों को एक से तीन किमी तक दूर जाना पड़ सकता है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर दिया है। अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर होना है। बीकानेर निदेशालय ने डीईओ मुख्यालयों से कम नामांकन वाले स्कूलों की सूची मांगी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अजमेर जिले में कम नामांकन वाले विद्यालयों की सूची निदेशालय को भेज दी है। हालांकि अभी तक स्कूल मर्ज करने के स्पष्ट आदेश नहीं आए हैं। इस काम को 15 जुलाई के बाद में अमल में लाया जाएगा। इस दौरान किसी स्कूल में प्रवेशोत्सव के दौरान नामांकन बढ़ा तो वे मर्ज की कार्यवाही से बच सकता है। स्कूलों को सोमवार तक ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध करानी है।
यह मांगी गई जानकारी
निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को गत सप्ताह निर्देश जारी किए किए थे। जिसमें राजकीय प्राथमिक स्कूल, मिडिल स्कूल, उच्च प्राथमिक विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट मांगी है। साथ ही एक ही कैंपस में चल रहे स्कूलों की संख्या कितनी है, एक स्कूल से स्कूल की दूरी कितनी है, एक किमी के दायरे में आने वाले प्राथमिक विद्यालय, तीन किमी के दायरे में आने वाले माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी मांगी गई है।
अजमेर जिले की स्थिति
ब्लॉक---------------कम नामांकन वाले विद्यालय
अजमेर ग्रामीण-----13
अजमेर शहर-------3
अराई---------------16
भिनाय--------------11
जवाजा--------------25
केकड़ी--------------12
किशनगढ़-----------39
मसूदा---------------13
पीसागन-------------12
सरवाड़---------------9
सावर----------------14
श्रीनगर---------------10

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