28 नए स्कूल खुले, लेकिन किताबें अब तक नहीं पहुंची, ढाई हजार छात्रों की पढ़ाई बाधित,जिले में 44 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल, अभिभावकों ने जताई नाराजगी
डूंगरपुर राज्य सरकार ने अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए है। नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद भी नए खुले स्कूलों में अब तक किताबें नहीं पहुंच पाई है। इन स्कूलों की बात करें तो यहां पर करीब ढाई हजार विद्यार्थी अध्ययनरत है। जबकि स्कूलों में सत्र शुरू होने से पहले किताबें पहुंच जानी चाहिए थी। देखा जाए तो वर्तमान में जिले में अंग्रेजी माध्यम के 16 सरकारी स्कूल के बाद इस नए सत्र में 28 ओर नए स्कूल खुल गए। इसके साथ संख्या बढ़ कर 44 हो गई है। जुलाई में 8 दिन बीतने के बाद भी पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंच पाई है। दरअसल, राज्य सरकार की तरफ से शिक्षा विभाग के अधीन सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। आमतौर पर विद्यार्थी परिणाम आने के बाद अगली कक्षा में पहुंचने पर पुरानी पुस्तकें स्कूल में वापस जमा करवा देते हैं। इनमें से सही किताबें विद्यार्थियों को वापस अलॉट की जाती है। वहीं नामांकन बढ़ने, पाठ्यक्रम में बदलाव सहित अन्य जरूरत के मुताबिक नई किताबें और मंगवाई जाती है। शिक्षा सत्र से लेकर क्लास टेस्ट सहित अन्य गतिविधियों पहले से तय होती है। इनमें से किसी एक भी चीज पर देरी होने से पूरा शिक्षा सत्र प्रभावित हो जाता है। अभी पाठ्य पुस्तक पहुंचने में करीब एक सप्ताह लगने की संभावना जताई जा रही है।
28 स्कूलों में तीन-तीन विषय का इशू है, विषयों की प्रिंट निकालकर पढ़ा रहे
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी इंद्रा लट्ठा ने बताया कि नये खुले स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकें नहीं आई है। संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी की पुस्तकें तो हिंदी माध्यम के साथ मिल गई है। गणित, विज्ञान, सोशल साइंस की नहीं पहुंची है। अगली कक्षा में पहुंचने पर पुरानी पुस्तकें बच्चों से वापस ली जाती है, इसे अलॉट किया है। सिर्फ नये बच्चों के लिए दिक्क्त है। हालांकि अभी एक बार काम चल जाएगा। 28 स्कूलों में तीन-तीन विषय का इशू है। पढ़ाई कहीं पर भी प्रभावित नहीं हो रही है। इसके लिए टॉपिक की प्रिंट आउट निकाल कर विषय शिक्षक पढ़ाने का कार्य कर रहे है। बच्चों को होम वर्क दिया जा रहा है। एक टॉपिक औसतन सप्ताह भर चलता है। विद्यार्थी की पढ़ाई की पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है। जो स्कूल 10 वीं तक थी, वह 11 वीं हो गई तो वहां दिक्कत होगी। जल्द पाठ्यपुस्तक स्कूलों को उपलब्ध होगी।
डूंगरपुर ब्लॉक में 9 और सागवाड़ा में 12 स्कूल, साबला सीमलवाड़ा में 1-1
जिले में कुल 10 ब्लॉक है, इसमें आसपुर में 2, बिछीवाड़ा में 5, चिखली में 5, दोवड़ा में 3, डूंगरपुर में 9, गलियाकोट में 3, झौंथरी में 3, साबला में 1, सागवाड़ा में 12, सीमलवाड़ा में 1 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल है। इन स्कूलों में नर्सरी में 203, एलकेजी में 204, यूकेजी में 213, कक्षा 1 में 654, कक्षा 2 में 849, कक्षा तीन में 864, कक्षा चार में 879, कक्षा 5 में 901, कक्षा 6 में 528, कक्षा 7 में 496, कक्षा 8 में 459, कक्षा 9 में 483, कक्षा 10 में 282, कक्षा 11 वीं 12 में कुल 150 विद्यार्थियों का नामांकन है। इस तरह से बॉयल में कुल 3703 व गर्ल्स में 3462 है। कुल 7165 विद्यार्थियों का नामांकन है। सबसे ज्यादा विद्यार्थियों का नामांकन सागवाड़ा ब्लॉक में 2092 व डूंगरपुर ब्लॉक में 1242 है, सबसे कम आसपुर में 162 व बिछीवाड़ा में 288 है। कक्षा 1 से 5 में 30 का नामांकन, 6 से 8 में 35 का नामांकन, 9 से 12 में 40 का नामांकन का प्रावधान कर रखा है।
भोईवाड़ा स्कूल में अंग्रेजी माध्यम का स्टाफ नहीं और बच्चों को नहीं मिली किताबें
शहर के भोईवाड़ा में अंग्रेजी माध्यम स्कूल की पड़ताल करने पर सामने आया कि यहां पर कक्षा 1 से 5 तक में 79 विद्यार्थी है। यहां पर अंग्रेजी माध्यम का स्टाफ अभी तक नहीं आया है। हिंदी माध्यम के शिक्षक के जरिये पढ़ाई हो रही है। दूसरी तरफ अब तक बच्चों को किताबें नहीं मिल पाई है। इस वजह से अध्ययन में परेशानी हो रही है। वहीं अभिभावकों की तरफ से पुस्तकों के लिए स्कूल प्रबंधन को कहा जा रहा है। स्कूल प्रबंधन की तरफ से जल्द पाठ्यपुस्तकें देने के लिए कहा जा रहा है।

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