जिनसे सहायता ले रहा था वो ही निकले ठग, शिक्षक के 90 हजार रुपए उड़ाए
धौलपुर. शहर के जगदीश तिराहे स्थित एक एटीएम मशीन में कार्ड फंसने पर शिक्षक ने यहां लिखे नम्बर पर सहायता मांगी। दूसरी तरफ से जो बताया, वह करता रहा। इसके बाद भी कार्ड नहीं निकला तो शिक्षक घर चला गया। कुछ देर बाद ही उसके मोबाइल पर एक के बाद एक नकदी निकासी के संदेश आने लगे। जिस पर वह दौड़ कर एटीएम पर पहुंचा तो उसका फंसा कार्ड गायब था। पीड़ित ने बाद में निहालगंज थाने पर पहुंच कर शिकायत दी है। घटना शनिवार की बताई जा रही है। शिक्षक के ठग करीब 90 हजार रुपए पर हाथ साफ कर गए। जबकि दस हजार रुपए शिक्षक पहले ही निकाल चुका था। उसके कार्ड की एक दिन में एक लाख रुपए निकालने की लिमिट थी। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि उक्त मामला शनिवार का है। प्रकरण की जांच हो रही है।
जानकारी के अनुसार बाड़ी के खानपुर निवासी शिक्षक मोहर सिंह पुत्र रन सिंह मीणा बसईडांग स्कूल में सरकारी शिक्षक हैं। जो फिलहाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आवासरत हैं। वह शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एटीएम कार्ड से नकदी निकालने के लिए जगदीश तिराहा स्थित एसबीआई के एटीएम पर पहुंचे। जहां उसने एटीएम से 10 हजार रुपए निकाल लिए। लेकिन इसके बाद उसका एटीएम कार्ड मशीन में ही फंस गया और वह काफी प्रयास के बाद नहीं निकला। जिस पर उसने यहां इधर-उधर एटीएम का गार्ड देखा। लेकिन वह नहीं मिला। इसी दौरान एटीएम रूम के अंदर उसे दीवार पर मार्कर से लिखा हुआ हेल्पलाइन नंबर दिखाई दिया। जिस पर उसने कॉल किया तो कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने अपने आप को टेक्निकल टीम दिल्ली से होना बताया। शिक्षक ने एटीएम मशीन में कार्ड फंसने की समस्या बताइ। जिस पर उसने शिक्षक से कहा कि कैंसिल और क्लियर का बटन दबाओ तथा पिन डालकर एंटर का बटन दबाओ। जिस पर शिक्षक ने ऐसा ही किया लेकिन कार्ड फिर भी नहीं निकला। जिस पर ठग ने कहा कि यहां एटीएम मशीन खराब है लिखा हुआ बोर्ड रखा होगा, उसे आप मशीन पर लगाकर घर चले जाओ। शाम को 5-6 बजे टेक्निकल टीम आएगी जो आपको बुला लेगी। उसके बाद कार्ड मिल जाएगा। इसके बाद शिक्षक घर चला गया।
मोबाइल पर आने लगे दनादन मैसेज
शिक्षक जाने लगा तो रास्ते में उसे रुपए कटने के एक के बाद एक 6 मैसेज मिले। जिनमें 20-20 हजार और 10-10 हजार कर के 6 बार में उसके खाते से ठगों ने 90 हजार रुपए उड़ा दिए। जिससे शिक्षक होश उड़ गए। वह दौड़ कर वापस एटीएम पर पहुंचा। जहां उसे एटीएम कार्ड नहीं मिलाए और यहां लिखा हुआ हेल्पलाइन नंबर भी मिटा दिया गया था। पीड़ित शिक्षक ने बताया कि उसके एटीएम की लिमिट प्रतिदिन एक लाख की है। जिसमें से 10 हजार रुपए वह स्वयं पूर्व में ही निकाल चुका था और 90 हजार रुपए ठगों ने निकाल लिए। इसके बाद शिक्षक ने एटीएम कार्ड को ब्लॉक करवाया।
कार्ड फंस जाए तो ये करें उपाय
उधर, एसबीआई बैंक के पूर्व मुख्य प्रबंधक विचित्र कुमार शर्मा ने बताया कि एटीएम से रुपए निकालते समय कार्ड मशीन में फंस जाए तो यहां तैनात गार्ड से शिकायत करें। गार्ड नहीं हो तो कार्ड पर लिखे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर कार्ड को ब्लॉक कराएं। मशीन में कार्ड डालने से पहले ही कार्ड के ऊपर लिखे हेल्पलाइन नंबर को सुरक्षित लिख लें या मोबाइल में फोटो खींच लें, ताकि कार्ड फंसने पर बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकें। बैंक की अधिकृत वेबसाइट पर भी जाकर वहां से हेल्पलाइन नंबर ले और उस पर कॉल कर कार्ड को ब्लॉक कराएं। इसके अलावा बैंक अपने मोबाइल ऐप में भी अपना हेल्पलाइन नंबर देती है तथा खुद उपभोक्ता भी मोबाइल ऐप से अपने कार्ड को ब्लॉक कर सकता है।
अलग-अलग एटीएम से निकाली नकदी
शिक्षक ने बैंक जाकर मालूम किया तो पता चला कि ठगों ने 6 बार में निकाले गए 90 हजार रुपए एटीएम कार्ड से ही निकाले। जिसमें से ट्रांजेक्शन 3 मयूरी हॉस्पिटल और 3 सुरक्षा विहार कॉलोनी में स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से किए गए हैं। घटना को लेकर पीड़ित शिक्षक ने निहालगंज पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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