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शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

सरकार की हिंदी करवा रहे महात्मा गांधी स्कूल, पहले क्रेज...इस बार सीट रह गई खाली

 

सरकार की हिंदी करवा रहे महात्मा गांधी स्कूल, पहले क्रेज...इस बार सीट रह गई खाली

सीकर. बारिश का दौर शुरू होते ही इन जर्जर भवनों से विद्यार्थियों की मुसीबत बढ़ना शुरू हो गई है। बारिश से ही कमरों में पानी भर जाता है और कई जगह तो बच्चों की छुट्टी तक करनी पड़ती है। इन विद्यालयों में संसाधन, अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक, भवन, पानी-बिजली, फर्नीचर, खेल मैदान, खेल सामग्री, शिक्षण सामग्री, कंप्यूटर, बाबू आदि का अभाव होने के चलते परिजन अपने बच्चों का इन विद्यालयों प्रवेश से सोशल डिस्टेंस बना लिया है। पहले जिला और बाद में हर ब्लॉक में खोले गए महात्मा गांधी स्कूलों का संचालन काफी बेहतर तरीके से हुआ और सीटों की तुलना में कई गुना आवेदन आए। लेकिन ब्लॉकों में बिना प्लानिंग के खोले हुए स्कूल सरकार की हिन्दी करा रहे हैं।


अप्रेल के बजाय जुलाई में शुरू किए स्कूल

जिले में प्राथमिक स्तर के कुल 78 महात्मा गांधी स्कूल खोले गए हैं। इन विद्यालयों में एक कक्षा में 30 के सेक्शन के हिसाब से कुल 150 सीटें रखी गई है, जबकि इनमें किसी प्रकार के संसाधन व स्टाफ नहीं लगाए हैं। यह विद्यालय भी अप्रेल महीने के बजाय जुलाई माह में खोले गए हैं। ऐसे में अभिभावकों ने पहले ही अपने बच्चों का प्रवेश अन्य स्कूलों में करवा दिया है, इसका असर भी नए विद्यालयों के नामांकन पर पड़ेगा।


दस हजार की भर्ती के दावे-हवा-हवाई

तत्कालीन शिक्षामंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने करीब ढाई साल पहले प्रदेश में खोले जाने वाले महात्मा गांधी स्कूलों अंग्रेजी कैडर गठित 10 हजार पदों पर भर्ती करने की घोषणा की थी। सरकार ने न तो अंग्रेजी कैडर गठित किया और न ही 10 हजार पदों पर स्थायी भर्ती की।शिक्षा विभाग ने इसका तोड़ निकालने भर्ती प्रक्रिया से बचने के लिए संविदा पर अस्थायी भर्ती की है। इसमें से अभी करीब ढाई हजार आवेदकों के डॉक्यूमेंट्स ही वैरिफिकेशन हो पाया है।


एक हिस्से में महात्मा गांधी स्कूल तो दूसरे में चल रहा कॉलेज

अजीतगढ़ ब्लॉक में 13 महात्मा गांधी इंग्लिश स्कूल हैं। 13 में से चार स्कूलों में स्टाफ की काफी कमी है। अजीतगढ़, मालियों की ढाणी दिवराला, आसपुरा छोटा, ढाबावाली, हरदास का बास, किशोरपुरा का जाट का जोहड़ा, पगथली, टोडा, चिपलाटा, लादिया, कुशालवाली, हाथीदेह में राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित हैं। सारी स्कूलें मर्ज हुए पुराने स्कूल भवनों में चल रही है। अजीतगढ़, आसपुरा छोटा, ढाबावाली एवं हरदास का बास में कुछ समय पहले ही यह स्कूले खुली थीं। इन स्कूलों में डेपुटेशन के आधार पर दो-दो शिक्षकों की नियुक्त किया गया है। अजीतगढ़ कस्बे में खुली महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय मर्ज हुए भवन में मेरे संचालित है और इसी स्कूल के एक हिस्से के भवन में हाल ही में खुला गर्ल्स कॉलेज संचालित किया जा रहा है।


यहां भामाशाहों के दम पर बदली सूरत.......

बजाज रोड स्कूल के सात छात्र के 90 प्रतिशत से ज्यादा

महात्मा गांधी स्कूल बजाज रोड सीकर 2019 से शुरू हुई थी। स्कूल अभी 12 वीं संचालित है और बायोलॉजी व मैथ्स संकाय चालू हैं। स्कूल में अभी 580 बच्चों का नामांकन है। स्कूल का रिजल्ट भी बेहतरीन रहा है, 10वीं बोर्ड में 7 स्टूडेंट्स ने 90 प्रतिशत और 30 बच्चों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए हैं। स्कूल में लैब, दो कमरे, कंप्यूटर लैब बन चुके हैं।


महात्मा गांधी स्कूल गोकुलपुरा 460 बच्चों का नामांकन :

महात्मा गांधी स्कूल गोकुलपुरा में स्कूल स्टाफ व प्रिंसिपल ने ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल को चमका दिया है। इस विद्यालय में स्टाफ ने गोकुलपुरा ग्रामीणों के सहयोग से करीब दो करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं। स्कूल में 460 बच्चों का नामांकन है और अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।


शिक्षक नेता बोले...

राज्य सरकार ने बिना पूर्व तैयारी के सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए अंग्रेजी माध्यम स्कूल का कंसेप्ट शुरू किया जो जिले में अच्छा प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। पूरी तैयारी के साथ भौतिक सुविधाओं के साथ अच्छे शिक्षकों की स्थायी नियुक्त करके ही बेहतर रिजल्ट दिया जा सकता है।-विनोद पूनिया, जिलाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत


स्कूलों की छतें टपक रही, कैसे हो पढ़ाई

अजीतगढ़ ब्लॉक के राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल जाट का जोहडा किशोरपुरा के भवन में चार कमरे हैं। चारों की पट्टियां क्षतिग्रस्त है और वर्षा के दिनों में यहां पानी गिरता है। अजीतगढ़ की राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का भवन भी पुराना है। बारिश में इन कमरों की छत से पानी टपकता है जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। ऐसे ही हाल पिपराली गांव में खुले महात्मा गांधी स्कूल की है, इसका भवन भी पुराना होन से वर्षा में छत टपकती है।


ब्लॉक स्कूल

पिपराली 12

अजीतगढ़ 10

दांतारामगढ़ 10

पलसाना 03

पाटन 02

फतेहपुर 04

खंडेला 09

लक्ष्मणगढ़ 06

नेछवा 04

नीमकाथाना 05

श्रीमाधोपुर 07

धोद 06


हिंदी मीडियम के शिक्षक करा रहे पढ़ाई

फिलहाल अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में विभाग ने हिंदी कैडर के शिक्षकों को इंटरव्यू लेकर लगा रखा है। इनमें से बहुत से शिक्षक तो ऐसे हैं जो अपने गृह जिला में नियुक्ति पाने या अपने घर के नजदीक आने के चलते अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में लग गए हैं। पढ़ाई का दबाव आने पर अब ये शिक्षक अपने गृह जिले में ही हिंदी माध्यम स्कूलों में ट्रांसफर करवाने लगे हैं।

सरकार की हिंदी करवा रहे महात्मा गांधी स्कूल, पहले क्रेज...इस बार सीट रह गई खाली Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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