महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में अव्यवस्थाएं स्टाफ रूम में गप्पे मार रहे टीचर्स, स्टूडेंट सेल्फ स्टडी करने को मजबूर हाजिरी भी बच्चों ने ही लगाई
रामगंज मंडी के सुकेत में महात्मा गांधी स्कूल में टीचर्स क्लासेज नहीं ले रहे है। बच्चे अटेंडेंस ले रहे है और टीचर्स स्टाफ रूम में बैठकर गप्पे मार रहे है। ऐसा मामला खैराबाद पंचायत समिति उपप्रधान सुनील गौतम के निरीक्षण में सामने आया है।सुनील गौतम शनिवार सुकेत की महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पहुंचे। जिसके लिए बच्चों और अभिभावकों की काफी दिनों ने पढ़ाई नहीं होने और अव्यवस्थाओं होने की शिकायत मिल रही थी। ऐसे में उपप्रधान ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौतम ने कक्षाओं में देखा, तो सभी कक्षाएं बच्चों से भरी हैं, लेकिन टीचर्स नहीं है। स्टाफ रूम में देखा तो सभी टीचर्स स्टाफ रूम में बैठे हुए थे।
गौतम ने नाराजगी जताते हुए टीचर्स से कहा कि "पढ़ाने आए हो या आराम फरमाने"। उपप्रधान सुनील गौतम ने मौके पर ही जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल के वातावरण के बारे में अवगत करवाया। साथ ही बच्चों से बात भी की। ऐसे में बच्चों ने भी टीचर्स द्वारा नहीं पढ़ाने और वर्क देकर स्टाफ रूम में बैठे रहने की बात भी कही। उपप्रधान ने औचक निरीक्षण का वीडियो भी बनाया था।उपप्रधान गौतम का कहना है कि कक्षाओं में टीचर्स नहीं है, बच्चों के लिए पंखे नहीं है, गर्मी में पसीने की छोह में बच्चे परेशान हो रहे है। यही कारण है कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाई का काम देकर स्टाफ रूम में लगी पंखों में आराम फरमा रहे है।
35 शिक्षकों का स्टाफ फिर भी अटेंडेंस बच्चे ले रहे
सुकेत महात्मा गांधी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल 12वीं क्लास तक है। जिसमें 35 शिक्षक लगे हुए हैं। हालांकि प्रिंसिपल की पोस्ट खाली है। इसका चार्ज शिक्षिका सीमा ढेबाना संभाल रही हैं।स्कूल में 12वीं तक बच्चों को पढ़ाने और मॉनिटरिंग के लिए 7 वाइस प्रिंसिपल, 6 लेक्चरर, 7 सीनियर टीचर्स, 5 एल टू और 3 एल वन और एलडीसी कर्मी है। यानी स्कूल में दूसरे स्कूल की तुलना में शिक्षा का वातावरण बनाने के लिए भरपूर स्टाफ मौजूद है।
बोर्ड परीक्षा को लेकर स्टूडेंट्स में बढ़ी चिंता
उपप्रधान के निरीक्षण के दौरान कक्षा 10 में बैठी छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने बताया कि टीचर्स ही नहीं आ रहे, स्वयं ही किताबों से पढ़ रहे है। यहां तक की हाजिरी रजिस्टर को लेकर आपस में हाजिरी लेते है और फिर स्टाफ रूम में टीचर्स को रजिस्टर देकर आते है। स्कूल शेड्यूल के हिसाब से निरीक्षण के दौरान सामाजिक विज्ञान का पीरियड होना चाहिए था। लेकिन, सामाजिक विज्ञान की टीचर स्टाफ रूम में दूसरे शिक्षकों के साथ बैठ कर बातें कर रहे थे।बच्चों का कहना है कि हमे 10वीं बोर्ड परीक्षा की चिंता सताने लगी है। टीचर्स पूरे होने के बावजूद कक्षाओं में नहीं आते। ऐसे में सेल्फ स्टडी करनी पड़ रही है।
हिंदी मीडियम के टीचर्स होने से बनी परेशानी- प्रिंसिपल
सुकेत स्कूल की कार्यवाहक प्रिंसिपल सीमा ढेबाना का कहना है कि उच्च कक्षा जैसे 10, 12 में ज्यादातर नामांकन है। ऐसे में स्टाफ में अधिकतर हिंदी मीडियम का स्टाफ है। इसलिए परेशानी ये भी बनी हुई है। सभी टीचर्स की मीटिंग लेकर सख्ती से काम करवाए जाएंगे। वहीं कक्षाओं में पंखों को नए लगवाने का काम शुरू कर दिया है। जिन कक्षाओं में बच्चे ही अटेंडेंस ले रहे है। ऐसे टीचर्स को नोटिस जारी किया जाएगा। कक्षा 10 में एक कॉमर्स टीचर कक्षा टीचर है, लेकिन उनका पीरियड उस कक्षा में नहीं आता इसलिए बच्चे अटेंडेस ले रहे है। जो गलत है, व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा।
नोटिस जारी कर करेंगे कार्रवाई - सीबीईओ
ब्लॉक सीबीईओ सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी स्कूल में इस तरह की अव्यवस्था और अनुशासन हीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। पंखों के लिए बच्चों की पढ़ाई डिस्टर्ब नहीं होनी चाहिए। टीचर्स को पढ़ाई के समय बैठने को लेकर नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही प्रिंसिपल को भी मॉनिटरिंग और सख्त रवैए के लिए निर्देशित किया जाएगा।
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें